
जयपुर. सवाई मानसिंह अस्पताल में 14 वर्ष के बालक के गुर्दा प्रत्यारोपण में सफलता मिली है। बताया गया कि बालक पीयूष की किडनी खराब होने का सालभर पहले पता लगा था। माता-पिता ने कई राज्यों में प्रयास किए लेकिन उपचार नहीं हो पाया। फिर एसएमएस अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग में उपचार शुरू हुआ।
सुधार करते हुए उसे गुर्दा प्रत्यारोपण की स्थिति में लाया गया। पीयूष की मां ने गुर्दा दिया, उसके बाद यूरोलॉजी विभाग के डॉ. विनय तोमर, डॉ. एसएस यादव, नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉ. विनय मल्होत्रा, डॉ. धनंजय अग्रवाल, शिशु रोग के डॉ. एजे मेहता, सीटी सर्जरी विभाग के डॉ. राजकुमार यादव, एनस्थीसिया विभाग की डॉ. वर्षा कोठारी के निर्देशन में ऑपरेशन हुआ। गौरतलब है कि वयस्क गुर्दा प्रत्यारोपण में एसएमएस अस्पताल उत्तर भारत में अग्रणी है।
जन्मजात विकृति मुख्य कारण
खान-पान एवं जीवन शैली में बदलाव के कारण किडनी खराब होने की समस्या आम हो गई है। वयस्कों में गुर्दा खराब होने का मुख्य कारण मधुमेह, उच्च रक्तचाप व ग्लोमेरुलर बीमारी है। बच्चों में मुख्य कारण जन्मजात विकृतियां हैं।