श्रीराष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के लिए हथियार सप्लाई करने वाले हिस्ट्रीशीटर महेन्द्र कुमार मेघवाल का अभी तक सुराग हाथ नहीं लग सका है।
Sukhdev Singh Gogamedi Murder Case : श्रीराष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के लिए हथियार सप्लाई करने वाले हिस्ट्रीशीटर महेन्द्र कुमार मेघवाल का अभी तक सुराग हाथ नहीं लग सका है। महेन्द्र की तलाश एनआईए के साथ ही जयपुर कमिश्नरेट पुलिस भी कर रही है। दो दिन पहले ही पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा ने महेन्द्र को गिरफ्तार करवाने वाले को दो लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की थी।
उधर, एनआईए ने राजस्थान पुलिस से इस मामले से जुड़े और पहले से इस गैंग के चल रहे प्रकरणों में अनुसंधान व धरपकड़ करने वाली टीम में शामिल रह चुके अधिकारियों की जानकारी मांगी है। पुलिस मुख्यालय ने एसपी करण शर्मा, राजेश मीणा, एएसपी विद्या प्रकाश, सिद्धार्थ शर्मा, डिप्टी एसपी मनीष शर्मा, निरीक्षक रविन्द्र प्रताप, मनीष शर्मा व सुनील जांगिड़ का नाम भेजा है। जयपुर कमिश्नरेट से एसआईटी इंचार्ज एडिशनल पुलिस कमिश्नर कैलाश बिश्नोई, एडीसीपी रामसिंह शेखावत व अन्य अधिकारी एनआईए की मदद के लिए अटैच किए जाएंगे। कमिश्नरेट पुलिस ने गोगामेड़ी हत्याकांड में आरोपी शूटर रोहित राठौड़ व नितिन फौजी सहित शूटर्स की मदद करने वालों को भी गिरफ्तार किया था। आरोपी एनआईए की रिमांड पर है। मामले में गिरफ्तार पूजा सैनी को भी दो दिन की रिमांड पर लिया गया था।
समीर नाम से गिरफ्तार हो चुका
आरोपी महेन्द्र कुमार मेघवाल को प्रताप नगर थाना पुलिस ने आर्म्म्स एक्ट में गिरफ्तार किया था। लेकिन तब आरोपी ने खुद का नाम समीर बताया था और समीर नाम से बनाया फर्जी पहचान पत्र पेश किया था।
विदेश में दो आरोपी
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड में महेन्द्र कुमार मेघवाल, विरेन्द्र चारण और गैंगस्टर रोहित गोदारा फरार हैं। विरेन्द्र के नेपाल या फिर दुबई पहुंचने की आशंका है, गत चार माह से उसे भारत में नहीं देखा गया है, जबकि रोहित गोदारा पहले ही फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भाग गया था।