
जयपुर में डीजल-पेट्रोल चोरी का खुलासा (पत्रिका फाइल फोटो)
जयपुर: हाल ही में खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग के अधीन विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ की ओर से शहर से सटे नींदड़, बगरू औद्योगिक क्षेत्र और दिल्ली रोड के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल की चोरी का खुलासा किया। इसके बाद शहर के पेट्रोल-डीजल उपभोक्ताओं को भी यह चिंता सताने लगी है कि पंप पर पूरा पैसा देने के बाद भी पेट्रोल-डीजल की चोरी से कैसे बचा जाए।
बुधवार को पत्रिका ने उपभोक्ताओं की इसी चिंता को लेकर विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ के विशेषज्ञों से बात की तो यह तथ्य सामने आया कि दो लीटर से कम मशीन में हेराफेरी पकड़ना असंभव है। ऐसे में आमजन को कम से कम दो लीटर पेट्रोल या डीजल लेना चाहिए, जिससे वह इस परेशानी से बच सके।
प्रकोष्ठ के उप नियंत्रक आलोक जारवाल ने बताया कि वर्तमान में पेट्रोल पंपों पर लगी मशीनों की मिनिमम मेजरिंग क्वांटिटी 2 लीटर के हिसाब से तय है। वाहन चालक 100-150 रुपए या इससे कम का पेट्रोल खरीदते हैं।
ऐसे में मशीन पेट्रोल की कमी को पकड़ ही नहीं सकेगी। क्योंकि तय क्वांटिटी के हिसाब से 2 लीटर पेट्रोल-डीजल लेने पर ही मशीन बता सकेगी कि ग्राहक को कितना कम पेट्रोल-डीजल मिला है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, पेट्रोल पंप संचालक बिक्री से पहले प्रतिदिन 5 या 10 लीटर की माप में मशीन से पेट्रोल-डीजल भरे, जिससे यह पता चल सके कि नोजल से बिक्री की शुरुआत में कितना तेल निकल रहा है। इससे समय रहते पता चल जाएगा कि मशीन में कोई खराबी तो नहीं है।
नियमानुसार मशीन में किसी तरह की तकनीकी खराबी, तापमान या अन्य कारणों से 25 एमएल तक की पेट्रोल-डीजल की मात्रा कम हो सकती है। लेकिन जांच में मशीन में छेड़छाड़ सामने आती है और उत्पाद की मात्रा कम है तो सरकार पंप चालक के खिलाफ कार्रवाई करे।
-अमित सरावगी, सचिव, जयपुर जिला पेट्रोलियम एसोसिएशन
Updated on:
10 May 2026 02:51 pm
Published on:
07 May 2026 07:37 am
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