Sukhdev Gogamedi Murder : सुखदेव सिंह गोगामेड़ी मर्डर में हरियाणा पकड़े गए रामवीर के सहारे दोनों शूटर्स रोहित व नितिन को पुलिस ने धर दबोचा। अब एक सवाल है कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के हत्यारों तक कैसे पुलिस पहुंची। जानें पूरा राज।
राजस्थान पुलिस को सुखदेव सिंह गोगामेड़ी मर्डर में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने शनिवार को पहले आरोपियों को फरारी में मदद देने वाले को पकड़ा और फिर मुख्य आरोपी शूटरों रोहित व नितिन को भी धर-दबोचा। दोनों शूटर हिमाचल में दो अन्य साथियों के साथ पकड़े गए। अन्य दो शूटरों की मदद के लिए साथ थे। सीआईडी क्राइम ब्रांच, जयपुर पुलिस और दिल्ली सीआईडी की टीम ने मिलकर यह कार्रवाई की है। पुलिस आरोपियों को लेकर जयपुर रवाना हो गई है। अब आरोपियों से पूछताछ के बाद खुलासा होगा कि लॉरेंस विश्नोई और रोहित गोदारा के अलावा इस हत्याकांड में और कौन-कौन शामिल हैं। अब एक सवाल है कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी के हत्या के बाद आरोपी कैसे भागे, पुलिस कैसे उन तक पहुंची, जानें पूरा राज।
वारदात कर यों भागे थे
वैशाली नगर निवासी नवीन सिंह के साथ शूटर रोहित व नितिन 5 दिसम्बर की दोपहर को गोगामेड़ी के श्याम नगर स्थित घर पहुंचे थे। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी से बात करने के बाद दोनों शूटर ने गोगामेड़ी व नवीन की गोली मार हत्या कर दी थी। शूटर्स घर में मौजूद गोगामेड़ी के परिचित अजीत व एक निजी गनमैन नरेन्द्र सिंह को गोली मार भाग निकले। गोगामेड़ी के घर से कुछ दूर स्कूटी सवार हेमराज को भी गोली मार उससे वाहन छीन ले गए थे। नरेंद्र व हेमराज का एसएमएस अस्पताल में उपचार चल रहा है।
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पहले दोनों की पहचान, फिर धरपकड़
पुलिस ने सबसे पहले दोनों शूटर की पहचान की। इसके बाद उनके परिचित, परिजन, रिश्तेदार, दोस्त और गैंग के सदस्यों की जानकारी जुटाई। जयपुर में उनकी मदद करने वालों की सूची तैयार की और बाहर से मदद करने वालों की जानकारी जुटाई और उन तक पहुंची। सुखदेव सिंह गोगामेड़ी मर्डर के शूटरों को पकड़ने में जयपुर कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ व आईपीएस दिनेश एमएन की प्रमुख भूमिका रही।
सेना का जवान है नितिन फौजी
डीजीपी ने बताया गिरफ्तार नितिन फौजी सेना का जवान है। दूसरा शूटर रोहित राठौड़ मकराना निवासी है। रोहित राठौड़ और नितिन को लॉरेंस व रोहित गोदारा की गैंग ने उसे गोगामेड़ी की हत्या की साजिश में शामिल किया।
रामवीर कौन है जानें
दोनों शूटरों को फरारी में मदद करने वाला गिरफ्तार रामवीर (23 वर्ष) महेन्द्रगढ़ हरियाणा निवासी है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कैलाश चन्द्र विश्नोई ने बताया कि रामवीर आरोपी नितिन फौजी का दोस्त है। दोनों साथ पढ़े हैं। 12वीं पास करने के बाद नितिन फौजी वर्ष 2019-20 में सेना में भर्ती हो गया। रामवीर ने जयपुर में एमएससी पूरी की। रामवीर ही गांव से नितिन की पत्नी को उससे मिलाने के लिए लाया था। यहां उसने मोबाइल व अन्य सुविधा भी उपलब्ध करवाई।
बार-बार जगह बदली, बस से हुए फरार
योजना अनुसार नितिन फौजी तीन दिसम्बर को जयपुर पहुंचा। यहां वह रामवीर से मिला। रामवीर ने उसे पहले महेश नगर के कीर्ति नगर में रुकवाया। इसके बाद अगले दिन गांधी नगर रेलवे स्टेशन के पास होटल में ठहराया। कुछ समय प्रताप नगर क्षेत्र में भी रहे। चार दिसम्बर को उन्होंने एनिमल फिल्म देखी। इसके बाद 5 दिसम्बर को रोहित से मिला और वारदात को अंजाम दिया। वारदात के बाद शुटर नितिन फौजी और रोहित राठौड ने राहगीर से स्कूटी छीनी और अजमेर रोड पहुंचे। यहा से रामवीर बाइक पर दोनों को बगरू टोल प्लाजा से आगे तक लेकर गया। जहां से दोनों रोडवेज बस में सवार होकर फरार हो गए।
शूटर नितिन को पत्नी संग विदेश भेजने का लालच
नितिन पर हरियाणा में पुलिस फायरिंग का केस दर्ज हो चुका था। जयपुर में वारदात करने के लिए गैंग ने शूटर नितिन को पत्नी के साथ विदेश भेजने की व्यवस्था करने का लालच दिया था।
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