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Border Area Infrastructure: राजस्थान के सीमावर्ती गांवों में होगा विकास, 232 करोड़ रुपए की मिली मंजूरी

Rural Development India: सीमावर्ती गांवों के विकास को नई रफ्तार, वाईब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत 232 करोड़ रुपये की कार्ययोजना मंजूर। सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास पर जोर, वाईब्रेंट विलेज योजना में 232 करोड़ रुपये की स्वीकृति

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जयपुर

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Rajesh Dixit

May 21, 2026

Rajasthan Border Development

Photo AI

Vibrant Village Programme: जयपुर. राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास को गति देने के लिए वाईब्रेंट विलेज कार्यक्रम (द्वितीय) के तहत राज्य स्तरीय स्क्रीनिंग समिति की बैठक गुरुवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शासन सचिवालय में आयोजित की गई। बैठक में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांवों के विकास के लिए 232.82 करोड़ रुपए की कार्ययोजना को मंजूरी प्रदान की गई।

मुख्य सचिव ने बैठक में निर्देश दिए कि राज्य के सीमा क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, जिससे इन इलाकों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।

लोगों में विश्वास और सकारात्मक संबंध विकसित हो

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट बसे समुदायों के साथ संवाद और जुड़ाव को मजबूत किया जाए। इसके लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामुदायिक बैठकें और जागरूकता अभियानों का आयोजन नियमित रूप से किया जाए, ताकि लोगों में विश्वास और सकारात्मक संबंध विकसित हो सकें।

बैठक में यह भी बताया गया कि ऑप्टिकल फाइबर केबल के माध्यम से टेलीफोन और डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ाने के प्रस्तावों पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। दूरदर्शन और बीएसएनएल के सहयोग से इन क्षेत्रों में 4जी मोबाइल नेटवर्क और टेलीविजन कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

वाईब्रेंट विलेज कार्यक्रम केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना

ग्रामीण विकास विभाग के शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने जानकारी दी कि वाईब्रेंट विलेज कार्यक्रम केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य सीमा क्षेत्रों का समग्र विकास करना है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री थार सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम भी शुरू किया है, जिसके तहत सीमावर्ती जिलों के 1206 गांवों के विकास के लिए प्रति वर्ष 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

वाईब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर और फलौदी जिलों के 184 रणनीतिक गांवों को शामिल किया गया है। इन गांवों में सड़क, बिजली, दूरसंचार, पर्यटन, आजीविका, कौशल विकास, सहकारिता और कृषि आधारित गतिविधियों को मजबूत किया जाएगा।

प्रत्येक रणनीतिक गांव में 3 करोड़ रुपये तक के विकास कार्य

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रत्येक रणनीतिक गांव में 3 करोड़ रुपये तक के विकास कार्य किए जा सकेंगे। अब तक जिलों से प्राप्त प्रस्तावों में 123 गांवों के लिए 232.82 करोड़ रुपये के 515 कार्यों को स्वीकृति दी गई है।

बैठक में कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें गृह, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, पंचायतीराज, उद्योग, पर्यटन, विद्युत, सहकारिता और कृषि विभाग के अधिकारी शामिल थे। सभी संबंधित विभागों ने अपने-अपने प्रस्तावों और कार्ययोजनाओं की जानकारी प्रस्तुत की।

इस योजना के माध्यम से राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में न केवल आधारभूत ढांचा मजबूत होगा, बल्कि रोजगार, पर्यटन और डिजिटल कनेक्टिविटी के नए अवसर भी पैदा होंगे।