केंद्र सरकार ने वॉट्सऐप (whatsapp) समेत सभी सोशल मीडिया ( Social Media) कंपनियों से साफ तौर पर कहा है कि अगर भारत में काम करना है तो देश के कानून का पालन करना होगा। भारतीय नागरिकों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी (Privacy Policy) 2021 के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (supreme court) में पांच जजों की संविधान पीठ में सुनवाई के दौरान केंद्र ने इस बात पर चिंता जताई कि देश के कानूनों (law) का उल्लंघन हो रहा है।
केंद्र सरकार ने वॉट्सऐप (whatsapp) समेत सभी सोशल मीडिया ( Social Media) कंपनियों से साफ तौर पर कहा है कि अगर भारत में काम करना है तो देश के कानून का पालन करना होगा। भारतीय नागरिकों के साथ भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी ( Privacy Policy) 2021 के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (supreme court) में पांच जजों की संविधान पीठ में सुनवाई के दौरान केंद्र ने इस बात पर चिंता जताई कि देश के कानूनों (law) का उल्लंघन हो रहा है।
सरकार ने कहा कि भारत में भी वही प्राइवेसी पॉलिसी हो, जो दूसरे देशों में है। इस मामले में न्यायिक हस्तक्षेप की नहीं, बल्कि विधायिका के हस्तक्षेप की जरूरत है। अगले संसद (Parliament) सत्र में नया बिल लाया जाएगा, तब तक इंतजार किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट (supreme court) ने केंद्र सरकार के इस आग्रह को मंजूर कर लिया। अदालत ने कहा कि सरकार डेटा प्रोटेक्शन बिल ( Data Protection Bill) लाने की तैयारी कर रही है, इसलिए मामले की सुनवाई बाद में करेंगे।
क्या-क्या ब्योरे होते हैं साझा
जस्टिस (justice) के.एम.जोसेफ, जस्टिस (justice) अजय रस्तोगी, जस्टिस (justice) अनिरुद्ध बोस, जस्टिस (justice) हृषिकेश रॉय और जस्टिस सी.टी. रवि कुमार की बेंच ने फेसबुक (facebook) और वॉट्सऐप (whatsapp) से पूछा था कि वे क्या-क्या जानकारियां आपस में और तीसरे पक्ष से साझा करते हैं? वॉट्सऐप (whatsapp) ने जवाब में बताया कि वह मोबाइल नंबर, वॉट्सऐप (whatsapp) में कब रजिस्टर्ड हुए और किस तरह का मोबाइल ऐप (mobile app) ऑपरेट करते हैं, इसके अलावा और कोई जानकारी साझा नहीं करता।