Surya Grahan 2023: 5 घंटे 24 मिनट का होगा ग्रहण, यह होगा कंकण आकृति का
जयपुर। वैशाख कृष्ण अमावस्या पर 20 अप्रेल को साल का पहला सूर्य ग्रहण होगा। यह कंकण आकृति का सूर्य ग्रहण होगा। इस दौरान सूर्य पर राहु की छाया रहेगी। हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, ऐसे में यहां इसका सूतक भी नहीं लगेगा।
ज्योतिषाचार्य चंद्रमोहन दाधीच ने बताया कि विदेशों में यह सूर्य ग्रहण भारतीय समय के अनुसार सुबह 7 बजकर 04 मिनट से दोपहर 12 बजकर 29 मिनट के मध्य अलग—अलग समय पर ग्रहण होता हुआ नगर आएगा। सूर्य ग्रहण 5 घंटे 24 मिनट तक रहेगा। सूर्य ग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकेगा, जबकि दुनिया के बाकी हिस्सों में इसे आसानी से देखा जा सकेगा। वहीं, खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक साल का पहला सूर्य ग्रहण 3 तरह का दिखाई देगा, जिसमें यह आंशिक, पूर्ण और कुंडलाकार के रूप में होगा। जब सूर्य ग्रहण आंशिक, पूर्ण और कुंडलाकार रूप में हो तो इसे हाइब्रिड सूर्य ग्रहण कहते हैं।
ज्योतिषाचार्य डॉ महेन्द्र मिश्रा ने बताया कि सूर्य ग्रहण मेष राशि और अश्वनी नक्षत्र में होगा। यह ग्रहण मेष राशि में हो रहा है, इसमें चार ग्रहों का योग होने से भूकंप सहित अन्य प्राकृतिक आपदाएं बढ़ सकती हैं। वैसे तो सूर्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है, लेकिन शास्त्रों में इसका काफी महत्व माना जाता है। मेष राशि मंगल की राशि है, अश्वनी नक्षत्र के स्वामी केतु हैं। ऐसे में मेष राशि 30 अक्टूबर तक राहू केतु के प्रभाव में रहेगी। ग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव मेष राशि वालों पर रहेगा। इसके अलावा वृष, कन्या, मिथुन, तुला, कर्क राशियों को सूर्य ग्रहण प्रभावित कर सकता है।
यहां दिखाई देगा सूर्य ग्रहण
यह सूर्य ग्रहण चीन, अमेरिका, मलेशिया, फिजी, जापान, समोआ, सोलोमन, बरूनी, सिंगापुर, थाईलैंड, अंटार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, वियतनाम, ताइवान, पापुआ न्यू गिनी, इंडोनेशिया, फिलीपींस, दक्षिण हिंद महासागर और दक्षिण प्रशांत महासागर क्षेत्र में दिखाई देगा।
मई में लगेगा चंद्र ग्रहण
ज्योतिषाचार्य शालिनी सालेचा ने बताया कि सूर्य ग्रहण के बाद 5 मई को पहला चंद्र ग्रहण भी लगेगा। इसकी शुरुआत रात 8 बजकर 45 मिनट पर होगी। समापन रात 1 बजे होगा। ग्रहण की अवधि 4 घंटे 15 मिनट की होगी। उपच्छाया चंद्र ग्रहण होने के कारण इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा।