कम उत्पादन की चिंता से चीनी की मिठास गायब होती जा रही है।
कम उत्पादन की चिंता से चीनी की मिठास गायब होती जा रही है। चीनी कारोबारियों का कहना है कि गर्मियों के सीजन में चीनी की डिमांड सबसे ज्यादा रहती हैए इसलिए आगे भी दामों में नरमी के कोई संकेत नहीं मिल रहे है। चीनी की कीमतों में पिछले 2 हफ्तों में 5 फीसदी से अधिक का इजाफा देखने को मिला है। इस समय प्रदेश में औसत चीनी की कीमत 40 रुपए किलो से ज्यादा चल रही है।
गर्मियों में बढ़ती है चीनी की मांग
गर्मियों के दौरान चीनी की खपत में जबरदस्त इजाफा देखने को मिलता है। अप्रेल के बाद से देश में बढ़ते तापमान के साथ ही कोल्ड ड्रिंक्सए आइसक्रीम आदि की खपत के कारण बाजार में चीनी की मांग बढ़ जाती है। इसके साथ ही शादियों के सीजन के कारण भी चीनी की मांग में इजाफा होता है।
सरकार कर सकती है अतिरिक्त कोटा जारी
राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता का कहना है कि कुछ समय तक खुदरा कीमत करीब 40 से 45 रुपए किलो बनी रहेगी और अगर इसके बाद कीमत में कोई बढ़ोतरी होती है तो केंद्र सरकार अतिरिक्त कोटा जारी कर सकती है। कीमत में उछाल की बड़ी वजह इस साल चीनी के उत्पादन में संभावित कमी हैए जो 365 लाख टन से घटकर 325 लाख टन रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।