summer vacation in rajasthan: कटौती पर शिक्षकों का प्रदेशभर में विरोध। अवकाश घटाने के फैसले के खिलाफ शिक्षक सड़कों पर। ग्रीष्मावकाश में कटौती के खिलाफ शिक्षकों का विरोध तेज।
Teachers Protest: जयपुर। प्रदेश में ग्रीष्मावकाश में कटौती के निर्णय के खिलाफ शिक्षकों का विरोध तेज हो गया है। राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के नेतृत्व में बुधवार को जयपुर सहित विभिन्न जिलों में शिक्षकों ने प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई। इस दौरान शिक्षकों ने उपखंड अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर निर्णय को वापस लेने की मांग की।
शिक्षकों का कहना है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में ग्रीष्मावकाश और अन्य अवकाशों में की गई कटौती अनुचित है। उनका तर्क है कि गर्मी के मौसम में विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, ऐसे में अवकाश कम करना व्यावहारिक नहीं है।
जयपुर के आमेर, हवामहल और सांगानेर सहित कई क्षेत्रों में शिक्षकों ने संगठित होकर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इस निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निर्णय लेने से पहले शिक्षकों की राय लेना जरूरी है। फिलहाल, सरकार की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
जयपुर। शिक्षा व्यवस्था को अनुशासन और संस्कार से जोड़ने की पहल के तहत राज्य सरकार अब दो बड़े मुद्दों पर एक साथ काम करने जा रही है। एक तरफ जहां बच्चों को निरर्थक नामों से मुक्ति दिलाने की पहल की जा रही है, वहीं दूसरी ओर स्कूलों में नशा करने वाले शिक्षकों पर भी सख्ती बरती जाएगी।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बुधवार को प्रेसवार्ता में बताया कि विभाग ऐसे बच्चों को अपना नाम बदलने का अवसर देगा, जिनके नाम अर्थहीन हैं या मजाक का कारण बनते हैं। मंत्री ने कहा कि कई बार अभिभावक अज्ञानता में बच्चों के ऐसे नाम रख देते हैं, जो आगे चलकर उनके लिए परेशानी और उपहास का कारण बनते हैं। ऐसे बच्चों को अब सार्थक नाम चुनने का अवसर दिया जाएगा, जिससे उनकी पहचान मजबूत हो सके।
साथ ही, विभाग स्कूलों में नशा करने वाले शिक्षकों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे शिक्षकों पर नजर रखी जाए और उनकी सूची तैयार की जाए। सरकार का मानना है कि इससे शिक्षा का माहौल बेहतर होगा और बच्चों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
इसके अलावा, शिक्षा अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी स्कूलों में टॉप आने वाले विद्यार्थियों का सम्मान किया जाए और स्कूल से जुड़े पुराने छात्रों के सम्मान समारोह भी आयोजित किए जाएं, ताकि बच्चों का उत्साह बढ़े और उनका स्कूल से जुड़ाव मजबूत हो।