राजस्थान सरकार ने शिक्षकों के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भी मुख्यालय नहीं छोड़ने का आदेश जारी किया है। शिक्षकों ने सरकार के आदेश का विरोध किया है। राजस्थान सरकार की ओर से चलाए जा रहे महंगाई राहत कैंपों को सफल बनाने के लिए सरकार ने शिक्षकों को ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान मुख्यालय नहीं छोड़ने का आदेश जारी किया है।
राजस्थान सरकार ने शिक्षकों के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भी मुख्यालय नहीं छोड़ने का आदेश जारी किया है। शिक्षकों ने सरकार के आदेश का विरोध किया है।
राजस्थान सरकार की ओर से चलाए जा रहे महंगाई राहत कैंपों को सफल बनाने के लिए सरकार ने शिक्षकों को ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान मुख्यालय नहीं छोड़ने का आदेश जारी किया है।
शिक्षक नेता कैलाश सामोता ने बताया कि प्रदेश की सभी सरकारी और गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं में 17 मई से 23 जून तक शिविरा पंचांग के अनुसार ग्रीष्मावकाश रहेगा, बावजूद इसके राज्य सरकार ने शिक्षकों को उनके अवकाश के दौरान भी मुख्यालय बुलाया है।
कैलाश सामोता के नेतृत्व में जिलेभर के शिक्षकों ने शांतिलाल कोठारी, रत्नीदेवी जाट, रविंद्र कुमार तोमर के साथ मिलकर नाथद्वारा, संयुक्त सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय, शिक्षा निदेशक, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी व अन्य के नाम पत्र लिखकर आदेश को वापस लेने और सेटअप परिवर्तन की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है। कैलाश सामोता ने लंबित डीपीसी की पदोन्नति की प्रक्रिया वापस आरंभ करवाने और नॉन टीएसपी टीएसपी के प्रकरण का निस्तारण कर बिना किसी नीति के तबादला प्रक्रिया आरंभ करवाने की मांगे भी रखी है।