संगम विश्वविद्यालय (Sangam University) व मेवाड़ विश्वविद्यालय (Mewar University) से अतिरिक्त योग्यता पाठ्यक्रम (additional qualification courses) के 90 दिन के कोर्स का सर्टिफिकेट (certificate of course) लगाकर जोधपुर व अन्य जिलों में पदोन्नति (Promotion) लेने वाले जोधपुर, बाड़मेर व जैसलमेर के लगभग 120 शिक्षकों पर पदावनत (deprecated) होने की तलवार लटक गई है।
जोधपुर। संगम विश्वविद्यालय (Sangam University) व मेवाड़ विश्वविद्यालय (Mewar University) से अतिरिक्त योग्यता पाठ्यक्रम (additional qualification courses) के 90 दिन के कोर्स का सर्टिफिकेट (certificate of course) लगाकर जोधपुर व अन्य जिलों में पदोन्नति (Promotion) लेने वाले जोधपुर, बाड़मेर व जैसलमेर के लगभग 120 शिक्षकों पर पदावनत (deprecated) होने की तलवार लटक गई है। इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को पदावनत करने का यह संभवत: पहला मौका होगा। शिक्षा निदेशालय के 90 दिन के सर्टिफिकेट के आधार पर वरिष्ठता सूची में शामिल किए गए शिक्षकों के नाम हटाने के आदेश से शिक्षा विभाग में हड़कम्प मचा है। राजस्थान पत्रिका ने यह मामला सबसे पहले उजागर किया था।
निदेशालय ने माना है कि सर्टिफिकेट कोर्स राजस्थान अधीनस्थ सेवा नियम-1971 में वरिष्ठ अध्यापक के पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित योग्यता के अनुरूप नहीं है। इन सर्टिफिकेट कोर्स के पर योग्यताधारी माने गए कार्मिकों को वरिष्ठ अध्यापक पद पर पदोन्नत नहीं किया जा सकता।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सौरभ स्वामी ने आदेश जारी कर 90 दिवस के सर्टिफिकेट की योग्यता प्राप्त शिक्षकों को वरिष्ठता सूची से हटाने और इनके आधार पर पदोन्नत हुए शिक्षकों को सुनवाई का अवसर देते हुए पदावनत करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट में केविएट भी लगाएगी सरकार
मामला अदालत तक पहुंचने से आशंकित राज्य सरकार इस मामले में कोर्ट में केविएट भी दाखिल करेगी। शिक्षा विभाग गु्रप-2 शासन उप सचिव अनीता मीना ने वाद उत्पन्न होने की स्थिति की संभावना को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को अविलंब केविएट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
पहले देंगे सुनवाई का मौका
जोधपुर मंडल में इस तरह पदोन्नति पाने वाले जोधपुर, बाड़मेर व जैसलमेर के 120 शिक्षकों के नाम शिक्षा निदेशालय बीकानेर भेजे गए थे। निदेशालय के निर्देशों के अनुसार सभी को सुनवाई का मौका देने के लिए जल्द बुलाया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-प्रेमचंद सांखला, संयुक्त निदेशक, शिक्षा विभाग, जोधपुर