Khatu Shyam Stampede : राजस्थान (Rajasthan) के सीकर (Sikar) स्थित खाटू श्याम (Khatu Shyam Temple) के मासिक मेले में सोमवार सुबह पांच बजे भगदड़ मच गई। इस घटना में 3 महिला भक्तों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि तमाम लोग घायल हो गए। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। दरअसल एकादशी का दिन होने के कारण काफी भीड रही फिर जब मंदिर का प्रवेश द्वार खोला गया तो भीड़ का दबाव बढ़ने से भगदड़ मची थी। फिलहाल मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं और सभी घायलों को बेहतर इलाज भी किया जा रहा है। भारत में अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर हुई दुर्घटनाओें में अब तक कई लोगों की जान गई है। पिछले दशक में हुई कुछ घटनाएं इस प्रकार हैं...
Khatu Shyam Stampede : राजस्थान (Rajasthan) के सीकर(Sikar) स्थित खाटू श्याम (Khatu Shyam Temple) के मासिक मेले में सोमवार सुबह पांच बजे भगदड़ मच गई। इस घटना में 3 महिला भक्तों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि तमाम लोग घायल हो गए। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। दरअसल एकादशी का दिन होने के कारण काफी भीड रही फिर जब मंदिर का प्रवेश द्वार खोला गया तो भीड़ का दबाव बढ़ने से भगदड़ मची थी। फिलहाल मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं और सभी घायलों को बेहतर इलाज भी किया जा रहा है। भारत में अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर हुई दुर्घटनाओें में अब तक कई लोगों की जान गई है। पिछले दशक में हुई कुछ घटनाएं इस प्रकार हैं...
Mehrangarh Fort Stampede :इससे पहले नवरात्रि के समय जोधपुर में प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी धार्मिक दुर्घटना हुई थी। 30 सितम्बर 2008 को राजस्थान के जोधपुर जिले में स्थित मेहरानगढ़ के किले में चामुंडा देवी के मंदिर में भगदड़ हुई थी। इसमें 224 लोगों की मृत्यु हुई तथा 425 घायल हुए थे। नवरात्री का पहला दिन था, ऐसे में यहां करीब 25 हजार लोग माता चामुंडा देवी का दर्शन करने आए हुए थे। मंदिर 15वीं सदी में बनाया गया था यह मेहरानगढ़ किले में ही स्थित है।
Vaishno Devi Stampede: 2022 की शुरूआत ही धार्मिक दुर्घटना से हुई। नए साल पर जम्मू-कश्मीर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर में लोग दर्शन के लिए पहुंचे थे लेकिन भवन में 31 दिसंबर यानी शुक्रवार रात 2.45 पर भगदड़ मच गई। इस दुखद हादसे में 12 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी जबकि 20 लोग घायल हो गए थे।
ये हैं भारत की धार्मिक स्थलों पर बड़ी भगदड़
10 अप्रैल 2016
केरल के पूरवर में पुत्तिंगल मंदिर में आतिशबाजी से 110 लोगों की जान चली गई। 400 लोग इस दुर्घटना में घायल हो गए थे।
14 जुलाई 2015
दक्षिण भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश में एक पवित्र नदी के तट पर भगदड़ में कम से कम 27 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई है।
25 अगस्त 2014
मध्य प्रदेश के सतना जिले में चित्रकूट के कामतनाथ मंदिर में भगदड़ मच गई। 10 लोगों की मौत और करीब 60 लोग घायल हुए थे।
25 सितंबर 2012
झारखण्ड के देवघर में ठाकुर अनुकूल चंद की 125वीं जयंती पर एक आश्रम परिसर में हजारों की भीड़ एकत्र हो जाने और सभागार में भारी भीड़ के कारण दम घुटने से बारह लोगों की मौत हो गईए जबकि 120 अन्य बेहोश हो गए।
02 सितम्बर, 2012
बिहार के नालंदा जिले में स्थित राजगीर कुंड में स्नान के लिए श्रद्धालुओं के बीच मची होड़ के कारण भगदड़ हो गई। जिसमें दो श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि छह घायल हो गए।
08 नवम्बर 2011
उत्तर प्रदेश के हरिद्वार में गंगा नदी के तट पर हजारों श्रद्धालुओं के एकत्र हो जाने के दौरान मची भगदड़ में 16 लोगों की जान चली गई।
14 जनवरी 2011
केरल के इदुक्की में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल शबरीमाला के नजदीक पुलमेदु में मची भगदड़ में 102 श्रद्धालु मारे गए थे और 50 घायल हो गए थे।
04 मार्च 2010
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में कृपालुजी महाराज आश्रम में प्रसाद वितरण के दौरान 63 लोग मारे गए थे। 15 घायल हो गए थे।
03 अगस्त 2008
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण नैना देवी मंदिर की एक दीवार ढह गई। इसमें 160 लोगों की मौत हो गई।
26 जून 2005
महाराष्ट्र के मंधार देवी मंदिर में मची भगदड़ में 350 लोगों की मौत हो गई थी।
अगस्त 2003
महाराष्ट्र के नासिक में कुम्भ मेले में मची भगदड़ में 125 लोगों की जान चली गई थी।
1986
हरिद्वार में एक धार्मिक आयोजन के दौरान भगदड़ में 50 लोगों की मौत हो गई।
1954
इलाहाबाद में कुंभ मेले के दौरान भगदड़ से लगभग 800 लोगों की जानें गईं।