जयपुर

Thar Desert: अरावली में 12 दरारों से खिसक रहा रेगिस्तान, राजस्थान की स्थिति चिंताजनक; जयपुर के लिए भी खतरा

Thar Desert: अरावली पर्वतमाला के कमजोर होने से थार रेगिस्तान पूर्व की ओर खिसक रहा है। इसके चलते राजस्थान के जयपुर सहित पूर्वी हिस्सों, हरियाणा, दिल्ली–एनसीआर के मैदानी इलाकों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

2 min read
Feb 04, 2026
थार रेगिस्तान. Photo- Patrika

Thar Desert: अरावली पर्वतमाला के लगातार कमजोर होने से थार रेगिस्तान का पश्चिम से पूर्व की ओर खिसकना शुरू हो चुका है। इसके चलते राजस्थान के जयपुर सहित पूर्वी हिस्सों, हरियाणा, दिल्ली–एनसीआर और गंगा के मैदानी इलाकों के मरुस्थलीकरण का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से हाल ही जारी रिपोर्ट में 1972–75, 1982–84, 1994–96 और विशेष रूप से 2005–07 के दौरान किए गए क्रमिक उपग्रह आधारित अध्ययनों से यह खुलासा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अरावली पर्वतमाला में बनी 12 बड़ी दरारों के जरिए रेगिस्तानी रेत पूर्व की ओर बढ़ रही है।

ये भी पढ़ें

Rajasthan News: गायब हो रहा ‘रेगिस्तान का सोना’, खतरे में प्रकृति का अनमोल वरदान

वर्ष 2005–07 के बाद अरावली की रेगिस्तान रोकने वाली क्षमता में तेज गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि इसी दौर में खनन, शहरी विस्तार और वनों की कटाई चरम पर पहुंच गई।

थार रेगिस्तान की रेत पूर्व की ओर बढ़ रही है. Photo- Patrik

रिपोर्ट के मुताबिक अरावली पर्वतमाला की 12 प्रमुख दरारें अजमेर की मगरा पहाड़ियों से निकलकर झुंझुनूं के खेतड़ी और माधोगढ़ होते हुए हरियाणा के महेंद्रगढ़ तक फैली हुई हैं। इन्हीं कमजोर हिस्सों से होकर थार रेगिस्तान की रेत पूर्व की ओर बढ़ रही है।

राजस्थान की स्थिति चिंताजनक

रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा की 8.2 प्रतिशत भूमि मरुस्थलीकरण से प्रभावित है। वर्ष 2019 तक अरावली का लगभग 5.77 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र नष्ट हो चुका था।

आशंका है कि 2059 तक इसमें 22 प्रतिशत तक और गिरावट आ सकती है। वहीं राजस्थान में 1967–68 के बाद से करीब 25 प्रतिशत पहाड़ियां क्षरित या नष्ट हो चुकी हैं।

यह होगा असर

रिपोर्ट के अनुसार अरावली पहाड़ियां सामान्य परिस्थितियों में तापमान को डेढ़ से ढाई डिग्री तक नियंत्रित रखने और भूजल पुनर्भरण में अहम भूमिका निभाती हैं।

Photo- Patrika

अरावली क्षरण व मरुस्थलीकरण के खतरे से दिल्ली और आसपास के इलाकों में तापमान बढ़ा है, धूल भरी आंधियों की घटनाएं तेज हुई हैं और भूजल स्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।

बढ़ी वर्षा, फिर भी चुनौती बरकरार

रिपाेर्ट के अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण मानसून पैटर्न में आए बदलाव से कुछ क्षेत्रों में वर्षा बढ़ने के संकेत भी मिले हैं। कुछ अध्ययनों में यह दावा किया गया है कि बढ़ी हुई वर्षा के चलते थार रेगिस्तान के कुछ हिस्सों में वनस्पति में वृद्धि हुई है।

लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसके बावजूद रेत के टीले लगातार खिसक रहे हैं और रेगिस्तान का विस्तार हो रहा है, जो स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

ये भी पढ़ें

राजस्थान के रेगिस्तानी जिलों के लिए गुड न्यूज, जैसलमेर जिले में पहली बार जमीन के अंदर मिला ‘अथाह’ पानी

Updated on:
04 Feb 2026 06:07 pm
Published on:
04 Feb 2026 06:03 pm
Also Read
View All
Rajasthan Panchayat Election: क्या अनपढ़ नहीं लड़ पाएंगे चुनाव? सरकार ने पहली बार साफ किया रुख; 3 बच्चों वाले भी बन सकेंगे सरपंच-प्रधान

निलंबित व्याख्याता ने ट्रेन के आगे कूदकर की आत्महत्या, मरने से पहले दोस्त को भेजा सुसाइड नोट; SOG पर लगाए गंभीर आरोप

राजस्थान में डोडा पोस्त बैन के बाद मेडिकेटेड नशा बढ़ा, कांग्रेस विधायक ने विधानसभा में पुनर्विचार की उठाई मांग

आरयूएचएस ने बदला परीक्षा का पैटर्न, यह किया बड़ा बदलाव

किड्स कॉर्नर: चित्र देखो कहानी लिखो 64 …. बच्चों की लिखी रोचक कहानियां परिवार परिशिष्ट (28 जनवरी 2026) के पेज 4 पर किड्स कॉर्नर में चित्र देखो कहानी लिखो 64 में भेजी गई कहानियों में ये कहानियां सराहनीय रही हैं

अगली खबर