
जयपुर . गांधीनगर रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को रेलवे की अव्यवस्था सैकड़ों यात्रियों की जान पर खतरा बन गई। रेलवे के डिसप्ले सिस्टम में गड़बड़ी के चलते हर ट्रेन से पहले यात्री भ्रमित होकर रेल पकडऩे के लिए जान जोखिम में डालते रहे। बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे सभी सामान लेकर स्टेशन पर दौड़ते दिखे। रेल के कोच निर्धारित स्थान पर नहीं रुके। मौके पर पत्रिका टीम ने हालात का लिया जायजा।
स्लीपर वाला जनरल डिब्बे में चढ़ा...
गाड़ी नंबर 19717 में चंडीगढ़ जा रहा मनोज दुविधा से बचने के लिए निर्धारित समय पर स्टेशन पहुंचा लेकिन जैसे ही ट्रेन आई तो भगदड़ मच गई। न तो कोच का पता चला और न ही सीट मिल पाई। ऐसे में उसे भागकर जनरल डिब्बे में चढऩा पड़ा।
ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंची तब हुआ डिसप्ले
सोमवार रात करीब 9:15 बजे इंदौर की ओर जाने वाली ट्रेन प्लेटफार्म एक पर पहुंचने लगी तब कोच सिचुएशन लाइट शुरू हुई। जिससे यात्री अपने कोच की तरफ भागते नजर आए। कई गलत कोच में चढ़ गए।
दोनों प्लेटफॉर्म पर परेशानी
जब प्लेटफार्म 2 पर आला हजरत एक्सप्रेस आने वाली थी। लोग बार-बार अपना कोच देखने के लिए डिसप्ले बोर्ड की ओर तांक रहे थे। ट्रेन जब प्लेटफार्म पर पहुंची तभी डिसप्ले बोर्ड पर लोकेशन दिखी। एेसे में भगदड़ के हालात बन गए।
दो मिनट का है ठहराव
इस स्टेशन पर अधिकांश गाडि़यों का ठहराव दो मिनट का ही है। कोच की सिचुएशन लाइट समय पर नहीं जलने या नहीं जलाने के कारण समस्या बढ़ रही है।
दूसरी गाड़ी के फेर में हो रहा
वंदना शर्मा, टीटीई, गांधीनगर रेलवे स्टेशन ने कहा की कई बार एक गाड़ी के पीछे बिना ज्यादा समय अंतराल के ही दूसरी गाड़ी आ जाने से डिसप्ले में पहले वाला ही शो होता है। ऐसे में कई बार सही कोच डिसप्ले प्लेटफार्म पर नहीं दिखता। प्लेटफार्म 1 पर यह समस्या ज्यादा है।