जयपुर

सरकार की लापरवाही आगजनी बढ़ती घटनाओ के बावजूद नहीं ले रही है फायर एक्ट की सुध

निगम ने जताई तत्काल जरूरत, स्वायत्त शासन विभाग को लिखा पत्र, दिया कोर्ट का हवाला

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Apr 21, 2018

जयपुर. राजधानी में आगजनी की घटनाओं के बावजूद सरकार फायर एक्ट प्रस्ताव को दबाकर बैठी है। नगर निगम ने फिर स्वायत्त शासन विभाग को पत्र लिखकर इसकी तत्काल आवश्यकता जताई है। इस बार हाईकोर्ट में विचाराधीन याचिका का हवाला दिया गया है, जो अग्नि दुर्घटनाओं के मामले में लंबित है। निगम आयुक्त रवि जैन ने अलग से बायलॉज की जरूरत मानी है। एक्ट के लिए विभाग की तरफ से अब तक कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है। शहर में पिछले 3 माह में आगजनी की ६ से ज्यादा बड़ी घटनाओं में 5 की मौत हो चुकी है।

नियम या एक्ट नहीं हैं यह कोड

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15 मीटर ऊंची बिल्डिंग में फायर हाइड्रेंट, वेट राइजर मय नोजल, फायर डिटेक्शन सिस्टम, मैनुअल कॉल पॉइंट मय हूटर, 20 हजार लीटर पानी का ओवरहैड टैंक और 1 लाख लीटर पानी का टैंक होना जरूरी है। इसके बाद ही अग्निशमन विभाग से एनओसी लेनी होती है, ताकि जिले के आपदा प्रबंधन विभाग को पता रहे कि आपदा के दौरान उसे और क्या-क्या व्यवस्थाएं करनी होंगी। हालांकि, कोड में भवन सुरक्षा के लिए अनुशंसा की गई है, लेकिन यह नियम या एक्ट नहीं है।

अभी भी नहीं जागे

खूंटेटों का रास्ता में लकड़ी के गोदाम में आग लगने के बावजूद जिम्मेदार हरकत में नहीं आए। जिम्मेदारों की लम्बी अनदेखी का ही नतीजा है कि शहर में जगह-जगह घनी आबादी क्षेत्रों में लकडिय़ों के गोदाम और आरा मशीनें चल रहीं हैं। गोदाम व आरा मशीन पर कम चल रहा है।

ये हुए बड़े हादसे

- विद्याधर नगर में घर में आगजनी, 5 की मौत।
- जवाहर सर्किल के पास रोज गार्डन में आगजनी।
- सिरसी रोड स्थित मैसूर महल गार्डन खाक हो गया।
- विश्वकर्मा में आयॅल फैक्ट्री में आगजनी, फायर ब्रिगेड भी जली।
- किशनपोल बाजार में लकड़ी की टाल में अग्निकांड।
- विद्याधर नगर में तीन सिलेंडर फटे।

यह है एक्ट

- फायर निदेशालय हो, निकायों की शक्तियां प्रभावी हों।
- इमारतों को सील करने, पेनल्टी वसूलने का अधिकार।
- इमारत, भवनों को असुरक्षित घोषित करने का अधिकार।
- फायर टैक्स वसूलने की शक्ति।
- नए फायर स्टेशन का प्रारूप तैयार कर उसे प्रभावी करना।
- फायर फाइटिंग सिस्टम की अवहेलना पर कोर्ट में चालान पेश करना। 3 से 6 माह तक की कारावास होने का प्रावधान।
- इमारतों में आने-जाने के अलग-अलग मार्ग
- बहुमंजिला इमारत, होटल, मॉल्स, अस्प्ताल में फायर सिस्टम के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति।

दिल्ली-पंजाब एक्ट का हवाला

सरकार को दिल्ली फायर एक्ट, 2007 और पंजाब फायर सेफ्टी एक्ट, 2004 का हवाला दिया गया है। इसके कई प्रावधान जोडऩे की अनुशंसा की गई।

नगर निगम आयुक्त रवि जैन ने बताया की आगजनी की स्थिति नहीं पनपे और उन पर तत्काल काबू पाने के लिए फायर एक्ट बेहद जरूरी है। सरकार को इसके लिए दोबारा पत्र भेजा है। उम्मीद है जल्द स्वीकृति मिलेगी।

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Published on:
21 Apr 2018 11:26 am
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