जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने आरक्षण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को एंड-टू-एंड ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। इस नई डिजिटल प्रणाली के तहत अब संपूर्ण कार्रवाई पोर्टल आधारित होगी। जेडीए ने पिछले कुछ माह में ऑनलाइन सेवाओं को निरंतर बढ़ावा दिया है, जिसके तहत अब आवेदक घर बैठे अपने प्रकरण की स्थिति ऑनलाइन […]
जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने आरक्षण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को एंड-टू-एंड ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। इस नई डिजिटल प्रणाली के तहत अब संपूर्ण कार्रवाई पोर्टल आधारित होगी। जेडीए ने पिछले कुछ माह में ऑनलाइन सेवाओं को निरंतर बढ़ावा दिया है, जिसके तहत अब आवेदक घर बैठे अपने प्रकरण की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे। इसी के साथ आवेदक को जोन उपायुक्त की अंतिम टिप्पणी भी वाट्सऐप पर उपलब्ध करवाई जाएगी। इससे न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित होगी, बल्कि प्रक्रिया में लगने वाला समय भी काफी कम हो जाएगा।
आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने संवाद कार्यक्रम में विभिन्न हितधारकों के साथ इस संबंध में विस्तृत चर्चा की। बैठक में शहरी नियोजन, प्रक्रियागत सरलीकरण, जनसुविधाओं के विस्तार तथा जयपुर के समग्र विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
डिजिटलीकरण पर जोर
विभिन्न योजनाओं में अधिग्रहित भूमि के बदले पूर्व में जारी मैनुअल आरक्षण पत्रों के चरणबद्ध डिजिटलीकरण का कार्य प्रगति पर है। पुराने हस्तलिखित एवं मुद्रित अभिलेखों को डेटा एंट्री के माध्यम से कंप्यूटरीकृत किया जा रहा है। इन सभी रिकॉर्ड्स को प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है, जिससे संबंधित हितधारक बिना कार्यालय आए आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकें।