जयपुर

अवैध तरीके से बेच दिया जनता का पानी, लोग रह गए तरसते

शहर के बाहरी इलाकों में कदम-कदम पर दिख रहा मिलीभगत का खेल
2 min read
Jun 18, 2018
jaipur news
अवैध तरीके से बेच दिया जनता का पानी, लोग रह गए तरसते

जयपुर. शहर में लाखों लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं लेकिन जिम्मेदारों की सुस्ती या मिलीभगत के चलते जनता का पानी धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। राजस्थान पत्रिका ने पड़ताल की तो कई जगह यह खेल खुलकर सामने आ गया। जनता को सप्लाइ करने के लिए निकले टैंकर कहीं फ्लैट तो कहीं निर्माणाधीन मकान में खाली होते नजर आए।

बेखौफ बेचते लोगों के हिस्से का पानी

केस - 1 सांगानेर के जलदाय विभाग कार्यालय से एक टैंकर नि:शुल्क पानी वितरण के लिए एक स्कूल के पास बसी कॉलोनी के लिए निकला। बीच में टैंकर चालक ने रास्ता बदल लिया। राजस्थान पत्रिका की टीम पीछे गई तो टैंकर एक फ्लैट के पास पहुंचा। वहीं टैंकर खाली कर लौट गया।

केस - 2 सांगानेर-प्रतापनगर में ऐसी स्थिति कई जगह देखने को मिली। एक अन्य टै्रक्टर टैंकर जनता की बजाय निर्माणाधीन मकान के पास पहुंचा। मकान मालिक ने टैंकर का पाइप अंदर लिया और दूसरा पाइप जोड़कर टैंकर को खाली करना शुरू कर दिया।

दोनों तरफ से हो रही कमाई

सरकारी पानी वितरण का जिम्मा ठेके पर है। विभाग शहर के विभिन्न इलाकों में ८० से १४० रुपए तक देता है। जबकि नि:शुल्क पानी को बेचकर ३०० से ४५० रुपए अतिरिक्त कमाए जा रहे हैं। एक ठेकेदार ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि विभाग की ओर से मिल रहा भुगतान पर्याप्त नहीं है। वह खुद ही ऐसी स्थितियां खड़ी कर रहा है कि पानी बेचकर भरपाई की जाए।

जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता दिनेश सैनी ने बताया की किसी भी जोन में ऐसा हो रहा है तो कार्रवाई की जाएगी। मामला सही पाया जाता है तो संबधित फर्म को भी ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।

कई जगह ऐसा

सरकारी पानी को बेचने और जेबें भरने का यह खेल कई इलाकों में बेरोकटोक चल रहा है। जो पानी वितरण के लिए पम्प हाउस से भेजा जा रहा है, वह दूसरी जगह पहुंच रहा है। सांगानेर-प्रतापनगर, आगरा रोड और जयसिंहपुरा खोर में यह खेल रोजाना देखा जा सकता है।

बाइक पर जीपीएस

ट्रैक्टर पर लगे जीपीएस भी सरकारी पानी की चोरी करने वालों पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो जीएपीएस की डिवाइड को बाइक पर लगा प्रभावित इलाके में घुमा देते हैं। ऐसे में टै्रकिंग के दौरान जीपीएस पर वही लोकेशन आती है, जहां टैंकर को जाना होता है।

Published on:
18 Jun 2018 11:40 am