जयपुर

जंग ‘दूर’ की, चोट द्वार तक: ज्वैलरी-गारमेंट्स निर्यात में 30 प्रतिशत तक गिरावट

जयपुर. अमरीका और ईरान के बीच सैन्य तनाव की आंच अब जयपुर के ज्वैलरी और गारमेंट्स निर्यात कारोबार तक पहुंच गई है। पिछले 8 से 10 दिनों में निर्यात ऑर्डर में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। खासकर मध्य-पूर्वी देशों से नए ऑर्डर कम हो गए हैं, जबकि रमजान माह […]

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Mar 07, 2026

जयपुर. अमरीका और ईरान के बीच सैन्य तनाव की आंच अब जयपुर के ज्वैलरी और गारमेंट्स निर्यात कारोबार तक पहुंच गई है। पिछले 8 से 10 दिनों में निर्यात ऑर्डर में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। खासकर मध्य-पूर्वी देशों से नए ऑर्डर कम हो गए हैं, जबकि रमजान माह के चलते इन देशों में सामान्यतः अच्छी खपत होती है।
निर्यातकों के अनुसार, खाड़ी देशों में व्यापारी जंग की स्थिति स्पष्ट होने तक सतर्क रुख अपना रहे हैं। जयपुर से ज्वैलरी और रेडीमेड गारमेंट्स का बड़ा हिस्सा संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर और कुवैत जैसे देशों में जाता है। ऐसे में खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता का सीधा असर स्थानीय बाजार पर पड़ रहा है। इसमें सालाना होने वाले करीब 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक के टेक्सटाइल्स कारोबार पर असर पड़ा है। वहीं सालाना 17 हजार करोड़ रुपए से अधिक के ज्वैलरी कारोबार पर भी असर हुआ है, क्योंकि खाड़ी देश ज्वैलरी और टेक्सटाइल्स के लिए बड़ा मार्केट हैं।

यूं पड़ रहा असर

-पिछले 8–10 दिनों में 20 से 30 प्रतिशत ऑर्डर में कमी
-नए ऑर्डर घटे, कुछ शिपमेंट स्थगित
-हवाई मार्ग बंद होने से किराया 15 से 20 प्रतिशत महंगा
-अमरीका व यूरोप में भी माल नहीं जा रहा, ऑर्डर कैंसिल होने की समस्या
-जंग लंबी चली तो बायर्स ऑर्डर नहीं देंगे, अस्थिरता बढ़ेगी
-कच्चे माल की कीमत में उछाल
-आवागमन रुकने से व्यापारियों की कारोबारी मीटिंग्स ठप

किन बाजारों पर निर्भर जयपुर

अमरीका व यूरोप के अलावा संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब सहित अन्य मध्य-पूर्व के देशों में जयपुर से अच्छा कारोबार होता है।

कारोबार प्रभावित हुआ
जयपुर से ज्वैलरी, टेक्सटाइल्स और हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का सालाना 30 से 40 हजार करोड़ रुपए का निर्यात होता है। जंग के कारण फिलहाल 15 प्रतिशत कारोबार प्रभावित हुआ है। अगर तनाव लंबा चला तो इसमें और गिरावट आएगी।
- ज्ञान प्रकाश मित्तल, कन्वीनर, फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन, राजस्थान चैप्टर

रमजान में खाड़ी देशों में गारमेंट्स की अच्छी खपत होती है, लेकिन जंग की वजह से सेल 30 प्रतिशत तक सिमट गई है। पुराना माल नहीं बिकने से नए ऑर्डर बंद हो गए। व्यापारियों की बैठकें भी रद्द हो गईं।
- रक्षित पोद्दार, अध्यक्ष, गारमेंट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान

जंग से सोने–चांदी के दामों में तेजी से उतार–चढ़ाव हो रहा है। इस वजह से व्यापारी नए ऑर्डर देने से बच रहे हैं। खाड़ी देशों से ट्रांसपोर्ट बंद होने से माल भेजने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। व्यापारियों का भरोसा व्यापार को लेकर कमजोर पड़ रहा है।
- अरविंद गुप्ता, अध्यक्ष, सीतापुरा जैम एंड ज्वैलरी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन

Published on:
07 Mar 2026 01:06 pm
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