दिवाली पर खुशियां मनाने की बजाय एक गांव में मातम पसर गया। पूरा गांव ही दिवाली नहीं मना सका।
जयपुर। दिवाली पर खुशियां मनाने की बजाय एक गांव में मातम पसर गया। पूरा गांव ही दिवाली नहीं मना सका। पूरा गांव दिवाली के दिन रोता रहा। क्योंकि दर्दभरा हादसा हुआ। दिवाली के दिन गांव के नदी में दादा और उसके दो पोते डूब गए। डूबने से तीनों की मौत हो गई। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने शुक्रवार तक तीनों के शवों को बाहर निकाला और उसके बाद तीनों का अंतिम संस्कार हुआ। तीन मौत होने पर पूरे गांव में चूल्हे तक नहीं जले।
मामला भरतपुर जिले के बयाना क्षेत्र के गांव नगला बंडा का है। जहां दादा और उसके दो पोतों का शुक्रवार को एक ही चिता पर अंतिम संस्कार हुआ। दादा-पोतों का एक साथ अंतिम संस्कार देखकर पूरा गांव शोक में डूब गया। सैकड़ों लोगों की आंखें नम हो गईं। पूरे गांव में दीपावली का त्योहार नहीं मना।
मामले के अनुसार गुरुवार को बकरी चराने गए विश्राम सिंह गुर्जर (60) व दोनों पोते अंकित (7) और योगेश (14) नदी में डूब गए थे। एसडीआरएफ की टीम ने गुरुवार को कई घंटों की तलाश के बाद बुजुर्ग और उसके एक पोते का शव नदी से बाहर निकाला था। लेकिन दूसरे पोते का शव देर रात तक नहीं मिल सका। ऐसे में शुक्रवार दोपहर को 30 घंटे बाद दूसरे पोते का भी शव नदी से निकाल लिया गया।
बयाना सदर थाना प्रभारी बलराम यादव ने बताया कि परिजनों की मौजूदगी में तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। उसके बाद शुक्रवार दोपहर बाद तीनों दादा-पोतों का गांव में एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया।