जयपुर

सिर पर मानसून, दम तोड़ रहे रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर

शहर में वर्षा जल संरक्षण को लेकर बनाए दर्जनों रेन वाटर हार्वेस्टिंग टांके अफसरों की अनदेखी के चलते बर्बाद हो रहे।
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May 30, 2018
rain water harvesting system
सिर पर मानसून, दम तोड़ रहे रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर

भूजल की राह में रोड़ा बन गई अफसरों की लापरवाही
जयपुर

प्रदेश में जल स्वावलंबन अभियान को लेकर करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाए जा रहे हैं, लेकिन प्रदेश का जलदाय विभाग वर्षा जल रोकने व उसे भूगर्भ तक पहुंचाने की खुद की मुहिम ही भुला बैठा है। शहर में वर्षा जल संरक्षण को लेकर बनाए दर्जनों रेन वाटर हार्वेस्टिंग टांके अफसरों की अनदेखी के चलते बर्बाद हो रहे हैं, वहीं बारिश के दौरान सहेजने वाला वर्षा जल बेकार साबित हो रहा है।

शहर कई हिस्सों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग टांके
मालूम हो जलदाय विभाग ने जलदाय कार्यालय परिसरों के अलावा शहर कई हिस्सों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग टांके करोड़ों रुपए लागत से बनवाए थे। 2011 में विभाग ने जलदाय विभाग सिटी सर्कल क्षेत्र में दो दर्जन से ज्यादा टांकों का निर्माण कराया और निर्माण करने वाली निजी फर्म को निर्माण से अगले तीन साल तक टांकों का रखरखाव करने का जिम्मा दिया। इस एवज में विभाग ने निर्माता फर्म की टेंडर भुगतान राशि भी रोकी। तीन साल होते ही फर्म को अंतिम भुगतान होने के बाद अब इन टांकों की सुध लेने वाला भी कोई नहीं है।

कई टांकों की दीवारें जर्जर

कई टांकों की दीवारें जर्जर हो चुकी हैं तो कहीं टांकों में कचरा और शराब की बोतलें पड़ी नजर आ रही है। वहीं दूसरी तरफ जलदाय अधिकारियों से जब इस बारे में जानकारी मांगी तो उन्होने पहले तो टांकों की वर्तमान स्थिति से ही अनभिज्ञता जाहिर कर दी वहीं संबंधित अभियंताओं से इस बारे में रिपोर्ट लेकर जल्द ही टांकों की सफाई और मरम्मत कराने का आश्वासन दे डाला। प्रदेश में मानसूनी हलचलें जल्द शुरू होने वाली हैं लेकिन अब तक रेन वाटर हार्वेस्टिंग टांकों की मेंटीनेंस शुरू भी नहीं हो सकती है।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चरों की वर्तमान स्थिति की मुझे जानकारी नहीं है। संबंधित अफसरों से इस बारे में रिपोर्ट तलब की जा रही है।

दिनेश कुमार सैनी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता, जयपुर रीजन द्वितीय जलदाय विभाग

Published on:
30 May 2018 12:57 pm