जिस समय चोरों ने तार चोरी किया उस समय 132 केवी जीएसएस राजियासर से विद्युत सप्लाई चालू थी। इसके बावजूद चोर तार काटकर ले गए जिसकी कीमत कई लाख रुपए है।
अदरीस खान/हनुमानगढ़. चोर जब जबरदस्त तकनीकी ज्ञान वाले हों तो ऐसी वारदातों को अंजाम देते हैं कि सब चकरा जाते हैं। कुछ ऐसी ही कारस्तानी जिले में चोरों ने दिखाई है कि पुलिस से लेकर विद्युत निगम के अभियंता तक चकरा से गए हैं। दरअसल, जिले के दो थाना क्षेत्रों में 400 केवी विद्युत लाइन से कई किलोमीटर लम्बा तार चुराया गया है।
मगर ताज्जुब यह है कि अज्ञात चोरों ने अपनी इंजीनियरिंग दिखाते हुए चालू विद्युत लाइन से लाखों रुपए का तार चुराया है। ऐसे में विद्युत निगम व संबंधित कंपनी के इंजीनियर तथा पुलिस हैरान है कि चालू लाइन के दौरान वारदात को कैसे अंजाम दिया गया। वहीं कई किलोमीटर तक तार चुराना, उसे समेट कर किसी वाहन में ले जाना, अज्ञात चोरों का किसी की नजर में नहीं आना आदि ऐसे सवाल हैं जिनके चलते चकित करने वाली चोरी की इन वारदातों पर सवाल भी उठ रहे हैं। बहरहाल, खुईया एवं पल्लू थाना पुलिस इन मामलों की पड़ताल में जुटी हुई है। मगर अब तक अज्ञात चोरों की पहचान एवं किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।।
ऐसे लगी चपत:
सूरतगढ़ थर्मल से 400 केवी डबल सर्किट लाइन बबई, झुंझंनू जाती है। इस उच्च क्षमता की हाइटेंशन चालू लाइन से अज्ञात चोर एल्यूमिनियम क्वॉर्ड मॉश कंडक्टर वायर चुरा ले गए। पहले खुईयां थाना क्षेत्र स्थित गांव देवासर की रोही से 27 फरवरी को अज्ञात चोर तीन किलोमीटर लम्बा तार काट कर ले गए। इसके बाद एक मार्च की रात को पल्लू थाना क्षेत्र स्थित गुलाबगढ़ की रोही से साढ़े तीन किलोमीटर लम्बा तार चुराया गया। इसको लेकर संबंधित थानों में ट्रांसमिशन एंड कंट्रेक्शन हनुमानगढ़ के सहायक अभियंता चन्द्रराम जोनवाल ने अज्ञात जनों के खिलाफ मामले दर्ज करवाए। बताया गया कि जिस समय चोरों ने तार चोरी किया उस समय 132 केवी जीएसएस राजियासर से विद्युत सप्लाई चालू थी। इसके बावजूद चोर तार काटकर ले गए जिसकी कीमत कई लाख रुपए है।
सवालों के घेरे में:
तार चोरी की यह वारदातें सवालों के घेरे में है। साढ़े छह किलोमीटर लम्बे तार काटना और फिर उसे समेट कर मौके से ले जाने में कई घंटे का समय लगता है। निश्चित तौर पर चोरों ने तार ढोने के लिए वाहन का इस्तेमाल किया होगा। तार काटने से विद्युत सप्लाई भी बाधित हुई होगी। इन सब परिस्थितियों के बावजूद आरोपियों का नजर में नहीं आना, वारदात का देरी से पता चलना आदि सवाल संदेह पैदा करते हैं।
कोई नया गिरोह सक्रिय:
पल्लू थानाधिकारी गोपीराम ने बताया कि गुलाबगढ़ एवं देवासर मामले की पड़ताल के दौरान भानीपुरा आदि में वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह की लोकेशन जांची गई। अब तक की जांच से ऐसा लग रहा है कि कोई अन्य नया गिरोह ही इन वारदातों के पीछे है।
इनका कहना है...
अगर कोई विद्युत सप्लाई, इंजीनियरिंग आदि से संबंधित ज्ञान रखने वाला हो तो चालू लाइन से विद्युत तार चुराया जा सकता है। ऐसा कोई गिरोह ही कर सकता है। कई जिलों में पहले इस तरह की वारदातें होना जानकारी में आ चुका है।
- हंसराज शर्मा, रिटायर्ड एक्सईएन, विद्युत निगम।