जयपुर

धनतेरस लेकर आई जयपुर में मरीजों के इलाज की यह खास सौगात, प्रदेश के सबसे बड़े SMS अस्पताल में पहली बार शुरू हुई यह नई सुविधाएं

न्यूरोसर्जरी डीएसए लैब, 256 स्लाइस स्पेक्ट्रल सीटी स्कैन और रेडियोलॉजी डीएसए लैब की शुरुआत
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Oct 22, 2022
ashok gehlot
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वहीं एक नया सेमीनार हॉल भी अस्पताल को मिलेगा।

अस्पताल में करोड़ों रुपए की लागत से खर्च कर बनाए गए इलाज के यह नवीन उपकरण आज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जनता को समर्पित करेंगे।

सुबह 11 बजे एसएमएस अस्पताल के बांगड परिसर में ,स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा ,चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया,अस्पताल अधीक्षक डॉ.अचल शर्मा,प्राचार्य डॉ.राजीव बगरहट्टा व अन्य चिकित्सकों की मौजूदगी में मरीजों को इलाज की नई सौगात मिल सकेगी।

SMS अस्पताल में करीब 4 करोड़ की लागत से थ्रीडी डिजिटल सबट्रैक्शन एंजियोग्राफी DSA मशीन लगाई गई है। यह मशीन लगाने वाला एसएमएस अस्पताल राज्य का पहला सरकारी अस्पताल होगा। इससे शरीर के विभिन्न ऑर्गन जैसे ब्रेन, लीवर, किडनी की एंजियोग्राफी की जा सकती है। इसमें नई दवाओं पर रिसर्च करने में भी मदद मिलेगी।

वहीं मेडिसिन,न्यूरोसर्जरी,यूरोलॉजी,पीडियाट्रिक्स,गैस्ट्रोएंटरोलॉजी,गैस्ट्रोसर्जरी,आंकोलॉजी,नेफ्रोलॉजी,ऑर्थोपेडिक जैसे विभाग के मरीजों को भी फायदा होगा।

ब्रेन या स्पाइन की वेस्कुलर बीमारियों से जुड़े पेंशेंट को काफी राहत मिलेगी। ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों को बिना चीर फाड़ के स्टंट लगाया जा सकेगा। न्यूरो इंटरवेंशनल लैब में यह मशीन लगाई गई है।

कैंसर, धमनियों, ब्रेन स्टॉक जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज और डायग्नोस अब रेडियोलॉजी की एडवांस तकनीक से आसान हो जाएगा। SMS में वैस्कुलर एंड इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी विभाग शुरू किया है। एसएमएस अस्पताल में वैस्कुलर एंड इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी विभाग का ऑपरेशन थिएटर ( डीएसए मशीन) तैयार किया गया है। जहां नई बीमारियों के पता लगाने के अलावा धमनियों में प्रवाह, कैंसर जैसी बीमारियों का इलाज सम्भव हुआ है। सीएसआर फंड से करीब 6 करोड़ की लागत से यह ऑपरेशन थिएटर तैयार किया गया है।

इसमें पैर की धमनी में एक कैथेटर ( एक छोटी पतली ट्यूब ) डालकर और इसे पूरे शरीर की किसी भी रक्त वाहिकाओं तक पहुंचाया जाता हैं । जिससे रक्त वाहिकाओं के गुब्बारे , ब्लॉकेज , ब्लीडिंग आदि को ठीक किया जा सकता है और एंजियोप्लास्टी और छल्ला डाला जा सकता है। रक्त के थक्के द्वारा अवरुद्ध नसोंं को खोला जा सकता है।

एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रदेश का एकमात्र ऐसा सरकारी मेडिकल कॉलेज होगा जहां 256 स्लाइस स्पेक्ट्रल सीटी स्कैन की एडवांस सुविधा उपलब्ध होगी।

इस मशीन के जरिए कम से कम समय में बेहतर स्कैन के माध्यम से वर्चुअल ब्रोंकोस्कॉपी (बिना दूरबीन डाले श्वास नलियों की दूरबीन से सटीक जांच), सीटी कोरोनरी एंजियो (बिना कैथेटर डाले ह्रदय की धमनियों की जांच), रिनल स्टोन कंपोजिशन (पथरी की सटीक रासायनिक संरचना) एवं टिशू कैरक्टराइजेशन जैसी कई नवीनतम डायग्नोस्टिक सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

गंभीर हृदय रोगियों के इलाज के लिए SMS में नई कैथ लैब शुरू की गई है। लैब में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी समेत हृदय रोग के अन्य बड़े आपरेशन के लिए अत्याधुनिक मशीनों व तकनीक से हो सकेगी।

सर्दी के दिनों में हार्ट अटैक के केस अचानक बढ़ने लगेंगे। ऐसे में मरीजों का भार अस्पताल पर बढ़ेगा। नई कैथ लैब से एंजियोग्राफी, एंजियोप्लासटी, स्टेंट लगाने, रोगी के सिकुड़े हुए वाल्व को बैलून द्वारा फुलाने आदि के इलाज की सुविधाएं मरीजों को मिल सकेगी।

Updated on:
22 Oct 2022 10:00 am
Published on:
22 Oct 2022 10:00 am