जयपुर

Rajasthan: अग्निवीर की 5 KM लंबी तिरंगा यात्रा निकाली, विमान हादसे में हुए थे शहीद, 1 जुलाई को होनी थी सगाई

Assam Plane Crash: वायु सेना के विमान हादसे में शहीद हुए अग्निवीर खेमाराम कुमावत का पार्थिव शरीर सोमवार को जयपुर लाया गया। सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव पांचोता में अंतिम विदाई दी गई, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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Updated: 15 Jun 2026, 6:05 PM IST
Assam Plane Crash
शहीद खेमाराम कुमावत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए। फोटो- पत्रिका नेटवर्क

जयपुर/डीडवाना कुचामन। असम के जोरहाट में भारतीय वायु सेना के एएन-32 विमान हादसे में शहीद हुए अग्निवीर (वायु) खेमाराम कुमावत का पार्थिव शरीर सोमवार को विशेष विमान से जयपुर एयरपोर्ट लाया गया। इस अवसर पर विधि मंत्री जोगाराम पटेल, जयपुर सांसद मंजू शर्मा, जिला कलक्टर संदेश नायक और जिला सैनिक कल्याण अधिकारी जय राठौड़ ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीद खेमाराम कुमावत के अदम्य साहस, राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण एवं सर्वाेच्च बलिदान को नमन किया और शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

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जोगाराम ने बताया कि शहीद खेमाराम कुमावत ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया है। उनका त्याग और समर्पण सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा इसके पश्चात सैन्य सम्मान के साथ शहीद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पांचोटा, जिला डीडवाना कुचामन लाया गया। इस दौरान 5 किमी तिरंगा यात्रा निकाली गई। तिरंगा यात्रा नावां के सांभर चौराहे से रवाना होकर हेमपुरा मार्ग होते हुए पांचोता राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल परिसर पहुंची। स्कूल परिसर में शहीद को श्रद्धांजलि दी गई।

विमान हादसे में हुए थे शहीद

आपको बता दें कि ग्राम पंचायत पांचोता के कलाली नदी निवासी भारतीय वायु सेना के अग्निवीर खेमाराम कुमावत (24) के असम के जोरहाट एयरबेस पर हुए विमान हादसे में शहीद हो गए थे। खेमाराम के परिवार में देश सेवा केवल पेशा नहीं बल्कि परंपरा है। खेमाराम चार भाई और एक बहन हैं। बड़े भाई गोविंद कुमावत सीआईएसएफ में कांस्टेबल हैं, जबकि छोटे भाई मनोज कुमावत सीआरपीएफ में हेड कांस्टेबल हैं। भाई राजेंद्र परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। पिता रामदेव कुमावत ने वर्षों तक विदेश में मेहनत कर परिवार का पालन-पोषण किया और अब गांव में कृषि एवं पशुपालन से जुड़े हैं।

2020 में एयरफोर्स में हुआ था चयन

खेमाराम कुमावत का वर्ष 2020 में एयरफोर्स में चयन हुआ था, लेकिन भर्ती प्रक्रिया रद्द होने से उनका सपना अधूरा रह गया। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास जारी रखा। वर्ष 2022 में अग्निवीरवायु के रूप में चयनित होकर उन्होंने अपना सपना साकार किया। दिसंबर 2022 से वे भारतीय वायु सेना में सेवाएं दे रहे थे। परिजनों ने बताया कि एक जुलाई को उसकी सगाई होनी थी, लेकिन विमान हादसे ने उसे छीन लिया। बता दें कि इस हादसे में अग्निवीर वायु खेमाराम कुमावत के अलावा पायलट और 3 अन्य जवान शहीद हो गए थे।

Updated on:
15 Jun 2026, 6:05 PM IST
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