जयपुर में आमेर थाना पुलिस ने जापानी महिला पर्यटक से छेड़छाड़ के मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जबकि एक बाल अपचारी को निरुद्ध किया है। इससे पहले पुलिस एक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है।
जयपुर: गुलाबी नगरी में जापानी महिला पर्यटक के साथ हुई बदसलूकी के मामले में जयपुर उत्तर की आमेर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही एक बाल अपचारी को भी निरुद्ध किया गया है।
पुलिस इस मामले में अब तक कुल तीन आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है। डीसीपी (उत्तर) करन शर्मा के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अरशद खान (निवासी बाबू का टीबा, रामगंज) और साहिल खान (निवासी घाटगेट) के रूप में हुई है।
यह घटना बीते 5 अप्रैल की है, जब आमेर महल और जयगढ़ किला घूमने आई एक जापानी पर्यटक के साथ चार युवकों ने सरेराह अभद्रता और छेड़छाड़ की थी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एडिशनल डीसीपी नीरज कुमार और थानाधिकारी डॉ. गौतम डोटासरा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने आमेर और जयगढ़ के दुर्गम रास्तों पर लगे लगभग 250 से 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
फुटेज में संदिग्ध वाहनों के नंबरों के आधार पर सबसे पहले अमुम्दीन उर्फ आमिर को दबोचा गया, जिससे मिली सूचना के बाद अरशद और साहिल की भी गिरफ्तारी संभव हो सकी।
जयपुर में विदेशी पर्यटकों के साथ बदसलूकी का यह कोई इकलौता मामला नहीं है। पिछले कुछ समय में जलमहल पर जबरन फोटो खिंचवाने और ऑटो रिक्शा चालकों द्वारा दुर्व्यवहार की कई शिकायतें सामने आई हैं।
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि 'पधारो म्हारे देश' की संस्कृति वाले राजस्थान के लिए ऐसी घटनाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनामी का कारण बनती हैं। जब ऐसी खबरें विदेशी मीडिया की सुर्खियां बनती हैं, तो पर्यटकों के मन में सुरक्षा को लेकर असुरक्षा का भाव पैदा होता है।
जापान और यूरोपीय देशों से आने वाले पर्यटक जयपुर की अर्थव्यवस्था में रीढ़ की हड्डी की तरह हैं। होटल व्यवसाय, स्थानीय हस्तशिल्प और गाइडों का पूरा व्यापार इन्हीं पर्यटकों पर टिका है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि स्मारकों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम और असामाजिक तत्वों पर नकेल नहीं कसी गई, तो पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आ सकती है, जिसका सीधा असर शहर के राजस्व पर पड़ेगा।
पर्यटन विशेषज्ञ भगत सिंह लोहागढ़ ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, राजस्थान की पहचान वैश्विक पटल पर एक 'सुरक्षित पर्यटन गंतव्य' के रूप में है। विदेशी महिला के साथ हुई यह घटना न केवल निंदनीय है बल्कि चिंताजनक भी है।
प्रशासन को इन समाजकंटकों के विरुद्ध ऐसी कठोरतम कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए जो नजीर बने। जब तक अपराधियों में कानून का खौफ नहीं होगा, तब तक पर्यटन सुरक्षित नहीं रह सकता।
फिलहाल, पुलिस इस गिरोह के अन्य संभावित संपर्कों और फरार आरोपियों की तलाश में जगह-जगह दबिश दे रही है। प्रशासन ने भी स्मारकों पर गश्त बढ़ाने के संकेत दिए हैं।