जयपुर नगर निगम ग्रेटर में तैनात लगभग 7000 सफाई कर्मचारियों में से करीब 1000 से ज्यादा को ऑफिस में बैठा दिया है। ये कर्मचारी निगम मुख्यालय से लेकर जोनल कार्यालयों तक फाइलों का काम संभाल रहे हैं।
Unique Case Of JMC-G: जयपुर नगर निगम ग्रेटर में सफाई व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। दरअसल जिन कर्मचारियों को शहर की गलियों, नालियों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई करनी चाहिए थी वे अब ऑफिस में बैठकर क्लर्क का काम कर रहे हैं।
TOI की रिपोर्ट के अनुसार JMC-G में तैनात लगभग 7000 सफाई कर्मचारियों में से करीब 1000 से ज्यादा को ऑफिस में बैठा दिया है। ये कर्मचारी निगम मुख्यालय से लेकर जोनल कार्यालयों तक फाइलों का काम संभाल रहे हैं। इसका सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है क्योंकि अब सिर्फ 5000 कर्मचारी ही फील्ड में सफाई कर पा रहे हैं। 1000 पद खाली पड़े हैं।
26 अगस्त को स्थानीय स्वशासन विभाग ने सभी शहरी निकायों को सख्त निर्देश दिए थे कि सफाई कर्मचारियों को उनकी असल ड्यूटी यानी सफाई के लिए ही लगाया जाए लेकिन ग्राउंड पर इस आदेश की पूरी तरह पालना नहीं हो रही है।
इस मुद्दे को लेकर सफाई कर्मचारी यूनियन ने भी नगर निगम प्रशासन से नाराजगी जताई है। यूनियन का कहना है कि अगर कर्मचारियों को तुरंत फील्ड में नहीं लगाया गया तो हालात और बिगड़ सकते हैं। शहर की साफ-सफाई की जिम्मेदारी पूरी नहीं हो पा रही है।