जयपुर

UPSC Result 2026: जयपुर के इन युवाओं ने लहराया परचम, दादा पटवारी तो पोता बनेगा अफसर, किसान की बेटी ने भी बढ़ाया मान

UPSC Result: संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम जारी होते ही जयपुर में खुशी की लहर दौड़ गई। मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के दम पर शहर के युवाओं ने सफलता का परचम लहराया।

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Mar 07, 2026
UPSC Result 2026: Sambhav Patni, Sneha Meena and Vedant Singh Dhakad (Patrika Photo)

UPSC Success Story: जयपुर: संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करना लाखों युवाओं का सपना होता है। इस कठिन परीक्षा में वही युवा मंजिल तक पहुंचते हैं जो निरंतर मेहनत, अनुशासन और स्पष्ट लक्ष्य के साथ तैयारी करते हैं।

राजधानी जयपुर के दो युवाओं वेदांत सिंह धाकड़ और संभव पाटनी ने अपनी लगन और अलग-अलग रणनीतियों से इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल कर यह साबित कर दिया कि सही दिशा में किया गया प्रयास किसी भी सपने को हकीकत में बदल सकता है।

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सेल्फ स्टडी, तकनीक से रचा इतिहास

जवाहर नगर निवासी वेदांत सिंह धाकड़ ने सिविल सेवा परीक्षा में 392वीं रैंक हासिल की। उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा लेने के बजाय सेल्फ स्टडी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए तैयारी की।

वेदांत के दादा प्रो. बीएल वर्मा कोटा विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति रहे हैं, पिता इंजीनियर हैं और माता निजी स्कूल में प्रिंसिपल हैं। जोधपुर से बीए एलएलबी की पढ़ाई के दौरान ही वेदांत ने प्रशासनिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया। वर्तमान में वे दिल्ली-अंडमान निकोबार प्रशासनिक सेवा में प्रशिक्षु अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।

रात-दिन मेहनत करके परिवार का नाम रोशन किया

टोंक रोड 12 मील स्थित आंवला वाली ढाणी, श्रीराम की नांगल की बेटी स्नेहा मीणा के भारतीय प्रशासनिक सेवा में अंतिम चयन होने पर खुशी का माहौल है। स्नेहा ने ऑल इंडिया 854 रैंक व एसटी वर्ग में 13वीं रैंक प्राप्त की है।

किसान पिता मोतीलाल मीणा ने बताया कि स्नेहा चार भाई-बहनों में सबसे छोटी बहन है। रात-दिन मेहनत करके उसने गांव और परिवार का नाम रोशन किया है।

दादा से मिली प्रेरणा से हासिल की सफलता

दुर्गापुरा, श्रीजी नगर निवासी संभव पाटनी ने भी सिविल सेवा परीक्षा में 608वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल कर सफलता पाई है। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक सेवा में जाने की प्रेरणा दादा से मिली, जो पटवारी थे। बचपन से ही उन्हें देखकर उनके मन में सिविल सेवा का सपना जागा।

जयपुर से स्कूली शिक्षा के दौरान ही यह लक्ष्य तय कर लिया था। 2024 से उन्होंने गंभीरता से तैयारी शुरू की और आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली चले गए। संभव का कहना है कि यह सफलता उनके लिए पड़ाव है और वे इससे बेहतर रैंक हासिल करने के लिए दोबारा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं।

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Updated on:
07 Mar 2026 10:48 am
Published on:
07 Mar 2026 10:46 am
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