
जयपुर। अमरीका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो सोमवार को पत्नी जेनेट डी. रूबियो के साथ गुलाबी नगरी की शान आमेर महल पहुंचे। राजस्थानी संस्कृति और आमेर की भव्यता ने उन्हें खासा प्रभावित किया। पारंपरिक स्वागत, लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों और महल की ऐतिहासिक बनावट को देखकर उन्होंने आमेर को 'इन्क्रेडिबल पैलेस' बताया। उनकी यात्रा के चलते शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही और कई मार्गों पर यातायात भी रोका गया। मार्को रूबियो दोपहर करीब डेढ़ बजे विशेष विमान से आगरा से जयपुर पहुंचे।
एयरपोर्ट से उनका काफिला सीधे आमेर महल के लिए रवाना हुआ। इस दौरान जेएलएन मार्ग सहित आमेर तक करीब 19 किलोमीटर के रास्ते पर कुछ समय के लिए ट्रैफिक रोक दिया गया। सुरक्षा कारणों से आमेर महल को भी दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक पर्यटकों के लिए बंद रखा गया। आमेर महल के जलेब चौक में उनका पारंपरिक राजस्थानी अंदाज में स्वागत किया गया।
लोक कलाकारों ने घूमर, कालबेलिया और कच्छी घोड़ी नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान अमरीकी राजदूत सर्जियो गोर भी उनके साथ मौजूद रहे। गाइड ने उन्हें आमेर महल के प्रमुख हिस्सों की जानकारी दी। मार्को रूबियो ने शीश महल, गणेश पोल, दीवाने आम, दीवाने खास, सुख निवास और मावठा झील को करीब से देखा। खासतौर पर शीश महल में लगे कांच और उसकी कलाकारी को लेकर उन्होंने गहरी रुचि दिखाई।
गाइड के अनुसार वे आमेर महल में दिखाई देने वाले ब्रिटिश प्रभाव को देखकर हैरान हुए। दीवाने आम में बने पुराने बिलियर्ड्स रूम और अंग्रेजी शैली की बनावट के बारे में उन्होंने विस्तार से जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने अस्तबल, घोड़ों के प्रति राजाओं की रुचि और आमेर की विशाल दीवारों के इतिहास को भी समझा। आमेर महल के अधीक्षक राकेश छोलक ने बताया कि मार्को रूबियो करीब 20 मिनट तक महल में रहे और इतिहास जानने में काफी उत्सुक नजर आए।
मार्को रूबियो की यात्रा को देखते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। पुलिस ने शहर के 24 थाना क्षेत्रों में 25 और 26 मई को ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर योगेश दाधीच ने बीएनएसएस की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए थे। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।