
जयपुर।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की इस दुर्भावनापूर्ण नीति के कारण सभी अभिवावकों में आक्रोश उमड़ रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में अराजकता का वातावरण उत्पन्न हो रहा है। स्कूलों के चलते सत्र के बीच में शिक्षकों के तबादले से बच्चों का शैक्षणिक भविष्य खराब हो रहा है। भाजपा सरकार के प्रयत्नों से स्कूल शिक्षा में हम 26वें नंबर से दूसरे नम्बर पर आ चुके थे, लेकिन अब कांग्रेस सरकार की कुनीतियों के कारण राजस्थान में स्कूल शिक्षा का वातावरण खराब व दूषित होता जा रहा है और यह सरकार पूरे भारत में दूसरा प्राप्त कर चुकी हमारी स्कूली शिक्षा नीति को पलीता लगाने में लगी हुई है।
जनता को पीड़ा पहुंचाने का काम
देवनानी ने कहा कि स्थानान्तरण को केवल अपना उद्योग समझने वाली इस कांग्रेस सरकार ने कोई उचित दिशा निर्देशों की नीति बनाकर प्रक्रिया को पूरा करने की जगह राजस्थान की जनता को पीड़ा पहुंचाने का ही काम किया है और कैंसर पीडि़तों, परित्यक्ता, विधवाओं के स्थानान्तरण अपने निवास से 400-500 किमी दूर कर दिए हैं। ऐसे भी उदाहरण है जिसमें रिटार्यमेंट से एक दिन पहले शिक्षक का स्थानान्तरण कर दिया है। देवनानी ने कहा कि जनता ही इनको सबक सिखाएगी।