
जयपुर। रक्षाबंधन के मौके पर राजस्थान की राजनीति से जुड़ा एक दिलचस्प वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पूर्व यूडीएच मंत्री राजपाल सिंह शेखावत को राखी बांधी। इसके बाद जब राजे ने भाई से रक्षाबंधन के उपहार की बात कही तो उन्होंने कोई महंगा या पारंपरिक तोहफा नहीं मांगा, बल्कि एक ऐसी चीज छोड़ने का वचन लिया, जिसने पूरे प्रसंग को खास बना दिया।
दरअसल, राजे ने शेखावत से गुटखा छोड़ने का वादा करने को कहा। राखी बांधने के बाद बातचीत के दौरान राजे ने शेखावत के हाथ में मौजूद गुटखे की ओर इशारा करते हुए इसे ही रक्षाबंधन का गिफ्ट बनाने की बात कही। उनका संदेश साफ था कि भाई अगर गुटखा छोड़ दे तो इससे बेहतर उपहार और कुछ नहीं हो सकता।
रक्षाबंधन के अवसर पर राजपाल सिंह शेखावत वसुंधरा राजे से राखी बंधवाने पहुंचे थे। राखी बांधने के बाद जब उपहार की बात चली तो राजे ने उनसे गुटखा छोड़ने की बात कही। इसी दौरान उन्होंने 'नो मोर गुटखा' का संदेश भी दिया।
मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरे संवाद को कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। अब यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों नेताओं के बीच बातचीत का अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है। खासतौर पर राखी के बदले गुटखा छोड़ने का वादा मांगने वाली बात चर्चा में है।
वसुंधरा राजे का यह अंदाज रक्षाबंधन के पारंपरिक उपहारों से बिल्कुल अलग नजर आया। उन्होंने भाई से किसी वस्तु की मांग करने के बजाय गुटखा छोड़ने का संकल्प लेने को कहा। इस वजह से यह पूरा प्रसंग सिर्फ राजनीतिक हलकों में ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया।
'नो मोर गुटखा' वाली बात को लोग अपने-अपने अंदाज में शेयर कर रहे हैं। इस दौरान माहौल भी हल्का-फुल्का नजर आया और दोनों के बीच भाई-बहन जैसा आत्मीय संवाद देखने को मिला।
रक्षाबंधन के मौके पर वसुंधरा राजे ने सोशल मीडिया के जरिए प्रदेशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने भाई-बहन के रिश्ते को प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक बताते हुए सभी के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। राजे ने अपने दिवंगत भाई और पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया को भी याद किया। उन्होंने उनकी स्मृतियों का जिक्र करते हुए कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर उनका स्नेह और मार्गदर्शन आज भी भावनाओं में जीवंत है।
वहीं, राजस्थान के उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने भी वसुंधरा राजे से मुलाकात की और राखी बंधवाई। बैरवा ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसे आत्मीय भेंट बताया। उन्होंने राजे के स्नेह और मार्गदर्शन की कामना भी की। रक्षाबंधन के दिन राजे और शेखावत के बीच हुआ गुटखा छोड़ने वाला संवाद हालांकि व्यक्तिगत और अनौपचारिक था, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद इसने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक लोगों का ध्यान जरूर खींच लिया।