
मदन राठौड़ और गोविंद सिंह डोटासरा। फोटो: पत्रिका
जयपुर। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने 309 निकायों के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख तक 60 हजार से अधिक आवेदन मिलने का दावा किया है। वहीं, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने इन आंकड़ों पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस आंकड़ों का हवाई किला खड़ा कर रही है। जमीनी रिपोर्ट बताती है कि भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दावा किया है कि पार्टी के डिजिटल आवेदन अभियान को कार्यकर्ताओं और आमजन का समर्थन मिला है। 28 अगस्त को ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख तक 40 हजार से अधिक आवेदन पोर्टल पर दर्ज हुए हैं, जबकि जिला और ब्लॉक स्तर पर 20 हजार से अधिक ऑफलाइन आवेदन मिले हैं। इन्हें डिजिटल सिस्टम में शामिल करने की प्रक्रिया जारी है। इस तरह अब तक 60 हजार से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निकाय चुनाव के लिए दावेदारी पेश की है।
डोटासरा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि कुल आवेदनों में 78 प्रतिशत से अधिक दावेदार 50 वर्ष से कम उम्र के हैं। इनमें 53 प्रतिशत से अधिक 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के हैं। वहीं 7500 से अधिक जनरेशन-जेड के युवाओं ने भी आवेदन किया है। उन्होंने बताया कि 30 प्रतिशत से अधिक महिला कार्यकर्ताओं ने स्वतंत्र रूप से आवेदन कर चुनावी दावेदारी पेश की है। एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्गों के भी बड़ी संख्या में आवेदन मिले हैं।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस में कोई खुद को जादूगर कहलवाकर खुश होता है तो कोई आंकड़ों का हवाई किला खड़ा कर अपने नेतृत्व का कद आलाकमान के सामने बड़ा दिखाने की कोशिश करता है। डोटासरा भी इसी कोशिश में लगे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के प्रत्येक निकाय के प्रवास से लौटे भाजपा के निकाय चुनाव प्रभारियों की जमीनी रिपोर्ट बताती है कि भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। जनता अपने शहरों को ट्रिपल इंजन सरकार के साथ विकास पथ पर आगे बढ़ाना चाहती है। भाजपा के सुशासन और विकास मॉडल के आगे कांग्रेस के आंकड़ों का हवाई किला निश्चित रूप से ध्वस्त होगा। राजस्थान की जनता कांग्रेस के कुशासन में शहरी निकायों की हुई दुर्दशा, कांग्रेस को जिताने के लिए तुष्टिकरण के आधार पर बनाए गए वार्ड, पेपरलीक और सरकारी कामों में कट-कमीशन को भूली नहीं है।
Updated on:
29 Aug 2026 10:25 am
Published on:
29 Aug 2026 10:25 am
