विश्व हिन्दू परिषद जयपुर प्रांत की बैठक में फैसला
जयपुर। विश्व हिंदू परिषद जयपुर प्रांत की बैठक रविवार को सेवा सदन, सहकार मार्ग, में हुई। विहिप के केंद्रीय सह मंत्री आनंद प्रकाश गोयल ने बताया कि पिछले 2 वर्षों में जब पूरा समाज कोरोना महामारी की समस्या से जूझ रहा था, उसी दौरान कुछ असामाजिक तत्व धर्म परिवर्तन कराने में लगे हुए थे। इस पर विहिप की केंद्रीय बैठक में दो प्रस्ताव पारित किए गए। पहला प्रस्ताव धर्मांतरण रोकने और दूसरा मठ मंदिरों को सरकारी तंत्र से मुक्त कराने का है। बैठक में बताया गया कि मंदिरों में किए जाने वाले दान का उपयोग सरकार द्वारा मंदिर संबंधित कार्य के अलावा अन्य सरकारी कार्यों में किया जा रहा है। इसका हिंदू समाज को फायदा नहीं होता है। उन्होंने भारत सरकार से मांग की है कि धर्मांतरण को लेकर कठोर से कठोर कानून बनाया जाए।
उद्घाटन सत्र में महंत बालमुकुंदाचार्य महाराज ने आशीर्वचन दिया। बैठक में 25 जिलों के कार्यकर्ताओं के अलावा जयपुर प्रान्त अध्यक्ष प्यारे लाल मीणा, केंद्रीय सह मंत्री नरपत सिंह, प्रांत संगठन मंत्री राजाराम, विभाग संगठन मंत्री राधेश्याम शामिल हुए।
यह भी योजना
-जयपुर प्रान्त में 1100 से अधिक स्थानों पर स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में जन्माष्टमी पर कार्यक्रम होंगे। इसमें राममंदिर निर्माण के लिए सहयोग करने वाले बंधुओं को सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में जुड़ने का आव्हान किया जाएगा।
-सभी कार्यकर्ताओं से आव्हान किया गया कि वे समाज मे कोरोना महामारी से सुरक्षा व बचाव के लिए जन जागरण करें।