विरोध-प्रदर्शन के दौरान उस वक्त ज़्यादा हंगामा हो गया जब कुलपति अल्पना कटेजा अपने कक्ष से बाहर निकलीं। छात्रों ने उन्हें घेर लिया। इससे मौके पर अचानक हड़कंप की स्थिति बन गई। नौबत यहां तक आ गई कि कुलपति को पुलिस प्रोटेक्शन के बीच सुरक्षित बाहर निकालना पड़ गया।
जयपुर। राजस्थान यूनिवर्सिटी की कुलपति अल्पना कटेजा को इन दिनों छात्रों के एक समूह का ज़बरदस्त विरोध झेलना पड़ रहा है। मंगलवार को तो मामला उस वक्त गरमा गया जब कुछ छात्र नेताओं की अगुवाई में छात्रों का एक समूह जबरन कुलपति सचिवालय में दाखिल हो गया।
छात्रों का ये समूह यूनिवर्सिटी के पीएचडी एंट्रेंस प्रक्रिया में कथित धांधली का विरोध जता रहे थे। छात्र नेताओं का कहना है कि इस प्रक्रिया में यूनिवर्सिटी प्रशासन और उसके अधिकारी नियमों के विपरीत जाकर अपने चहेतों को फ़ायदा पहुंचा रहे हैं।
विरोध-प्रदर्शन के दौरान उस वक्त ज़्यादा हंगामा हो गया जब कुलपति अल्पना कटेजा अपने कक्ष से बाहर निकलीं। छात्रों ने उन्हें घेर लिया। इससे मौके पर अचानक हड़कंप की स्थिति बन गई। नौबत यहां तक आ गई कि कुलपति को पुलिस प्रोटेक्शन के बीच सुरक्षित बाहर निकालना पड़ गया।
छात्रों ने आरोप लगाते हुए कहा कि यूजीसी ने विश्वविद्यालयों को साक्षात्कार के 30 प्रतिशत अंकों को शामिल करने के लिए निर्देशित किया है। लेकिन विश्वविधायालय प्रशासन इन निर्देशों को नहीं मानकर मनमानी तरीके से भाई-भतीजावाद व गफलत करके निजी लोगों को फ़ायदा पहुंचाने की मंशा से काम कर रहा है।
छात्रों ने सवाल उठाते हुए पूछा है कि क्या नेट परीक्षा के अंकों के आधार पर प्रवेश नहीं दिया जा सकता? क्या ये साक्षात्कार के 30% अंकों को हटाया नहीं जा सकता?