जयपुर

Village Development: जनसुझावों के आधार पर तैयार होंगे गांवों और वार्डों के मास्टर प्लान

Gram Panchayat: बढ़ती आबादी की जरूरतों के अनुसार होगा ग्रामीण विकास का सुनियोजित खाका। विरासत और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे राजस्थान के गांव।
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Mar 10, 2026
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Rural Development: जयपुर. प्रदेश में गांवों के समग्र और सुनियोजित विकास के लिए राज्य सरकार अब प्रत्येक ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड का मास्टर प्लान तैयार करेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विकसित राजस्थान–2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह मास्टर प्लान तैयार किए जाएंगे, जिनमें स्थानीय लोगों के सुझावों को शामिल किया जाएगा ताकि विकास योजनाएं गांवों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप बन सकें।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित बैठक में ग्राम पंचायतों एवं शहरी वार्डों के मास्टर प्लान से जुड़े प्रस्तावित अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों और वार्डों के मास्टर प्लान को लघु, मध्यम और दीर्घकालीन श्रेणियों में विभाजित किया जाए, ताकि बढ़ती आबादी और बदलती जरूरतों के अनुरूप योजनाएं तैयार की जा सकें। इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत बनाना और संतुलित विकास सुनिश्चित करना है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों के विकास की योजना बनाते समय शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, बिजली, सड़क और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। साक्ष्य आधारित दृष्टिकोण अपनाकर ऐसी योजनाएं बनाई जाएं, जो गांवों में जीवन स्तर को बेहतर बनाने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने से लोगों का शहरों की ओर पलायन भी कम होगा और शहरों पर बढ़ता दबाव घटेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि गांवों के मास्टर प्लान केवल विकास तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि इनमें स्थानीय विरासत, परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को भी संरक्षित किया जाएगा। गांवों में मौजूद शिल्प कलाओं, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तथा पारंपरिक आजीविका से जुड़े क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार की जाएंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित अभियान के तहत ग्राम सभाओं के माध्यम से इन मास्टर प्लान्स को अनुमोदित किया जाएगा। इसके बाद संबंधित विभागों द्वारा योजनाओं, नीतियों और कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इन मास्टर प्लान्स में कृषि उत्पादन बढ़ाने, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने और गांवों में आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने के उपाय भी शामिल किए जाएंगे।

साथ ही, पात्र व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यदि गांवों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाबद्ध विकास किया जाए तो ग्रामीण क्षेत्र आत्मनिर्भर बन सकते हैं और प्रदेश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

Updated on:
12 Mar 2026 08:32 pm
Published on:
10 Mar 2026 10:46 pm