जयपुर

Vinod Jakhar : जिस NSUI से बागी हुए, उसी के बने राष्ट्रीय अध्यक्ष; ‘गज़ब’ की है संघर्ष की कहानी

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Updated: 20 Feb 2026, 3:11 PM IST
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कांग्रेस आलाकमान ने राजस्थान की छात्र राजनीति के विनोद जाखड़ को NSUI का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस नियुक्ति पर मुहर लगाई और महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने इसकी आधिकारिक घोषणा की। विनोद जाखड़ अब तक राजस्थान NSUI के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, लेकिन अब वे देशभर के करोड़ों छात्रों का प्रतिनिधित्व करेंगे।

जब बागी बनकर रचा था इतिहास

विनोद जाखड़ की कहानी का सबसे रोमांचक मोड़ साल 2018 का राजस्थान यूनिवर्सिटी (RU) छात्रसंघ चुनाव है।

  • टिकट का इनकार: उस समय NSUI ने विनोद जाखड़ को काबिल होने के बावजूद अध्यक्ष पद का टिकट नहीं दिया था।
  • संगठन ने नकारा, छात्रों ने स्वीकारा: टिकट कटने से आहत विनोद ने बागी तेवर अपनाए और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में ताल ठोक दी।
  • ABVP-NSUI को चटा दी धूल : उन्होंने न केवल चुनाव जीता, बल्कि ABVP और NSUI दोनों के आधिकारिक प्रत्याशियों को धूल चटा दी। वे राजस्थान यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहले दलित छात्रसंघ अध्यक्ष बने।

एक 'मिस्त्री' के बेटे का दिल्ली तक का सफर

विनोद जाखड़ का जीवन किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। जयपुर के पास एक बेहद साधारण परिवार में जन्मे विनोद के पिता पेशे से मिस्त्री (प्लास्टर का काम करने वाले) हैं।

  • बचपन और संघर्ष: जब विनोद 7 साल के थे, उनका परिवार काम की तलाश में जयपुर आया। उनके पिता ने उसी स्कूल में प्लास्टर का काम किया जहाँ विनोद पढ़ते थे।
  • चंदे से लड़ा चुनाव: 2018 के चुनाव में उनके पास धनबल नहीं था, उन्होंने छात्रों से एक-एक रुपये का चंदा मांगकर चुनाव लड़ा और धनबल की राजनीति को हराया।

'बागी' से 'राष्ट्रीय सारथी' बनने तक का सफर

'निर्दलीय' जीत के बाद विनोद ने दोबारा NSUI का दामन थामा। संगठन ने भी उनकी ताकत को पहचाना और उन्हें मुख्यधारा में शामिल किया।

  • प्रदेश अध्यक्ष के रूप में धार: जनवरी 2024 में उन्हें राजस्थान NSUI का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। अपने कार्यकाल में उन्होंने छात्रसंघ चुनाव बहाली और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार को जमकर घेरा।
  • राहुल गांधी का भरोसा: राहुल गांधी के 'यूथ विजन' और जमीनी कार्यकर्ताओं को आगे लाने की नीति के चलते विनोद को अब राष्ट्रीय फलक पर बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।

राजस्थान की राजनीति पर क्या होगा असर?

विनोद जाखड़ की नियुक्ति के कई सियासी मायने हैं:

  • दलित कार्ड: कांग्रेस ने एक दलित चेहरे को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर राजस्थान के आगामी चुनावों के लिए एक बड़ा सामाजिक संदेश दिया है।
  • युवाओं में जोश: राजस्थान से पहली बार किसी का इस पद पर पहुँचना यहाँ के छात्र नेताओं के लिए दिल्ली के दरवाजे खोलने जैसा है।
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20 Feb 2026, 3:11 PM IST
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