
तिरुपति/जयपुर। राजस्थान के कद्दावर नेता और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल गुरुवार को दक्षिण भारत दौरे पर रहे। उन्होंने तिरुमाला स्थित भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी (तिरुपति बालाजी) के दर्शन किए। आमतौर पर कुर्ता-पायजामा या पेंट-शर्ट में नजर आने वाले बेनीवाल इस बार पारंपरिक दक्षिण भारतीय परिधान में दिखे। बेनीवाल ने तिरुपति में न केवल भगवान का आशीर्वाद लिया, बल्कि वहां प्रवासी राजस्थानियों और जाट समाज के एक विशाल सम्मेलन को संबोधित करते हुए 'मिशन 2028' का बिगुल भी फूंक दिया।
हनुमान बेनीवाल ने अपनी इस यात्रा की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर से सभी को सेवा, सद्भाव और जनकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। मंदिर की पवित्रता और वहां के नियमों का पालन करते हुए बेनीवाल बिल्कुल अलग रंग-रूप में नजर आए।
तस्वीरों में बेनीवाल जिस पहनावे में दिख रहे हैं, वह तिरुपति मंदिर के कड़े ड्रेस कोड का हिस्सा है।
दर्शन से एक दिन पहले बुधवार 18 फरवरी को हनुमान बेनीवाल ने जाट समाज की ओर से आयोजित एक जनसभा में शिरकत की। यहाँ प्रवासी जाट समाज और सर्व समाज का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि बेनीवाल खुद बोल पड़े, 'यहाँ तो ऐसा लग रहा है जैसे नागौर या सीकर में जाटों का मेला भरा हो।'
बेनीवाल ने प्रवासियों से आह्वान किया कि वे राजस्थान की राजनीति में बदलाव के लिए एकजुट हों। उन्होंने कहा कि अब साम-दाम-दंड-भेद के साथ आर-पार की लड़ाई लड़नी होगी और 2028 में राजस्थान पर कब्जा करना होगा।
हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई और तिरुपति जैसे शहरों में राजस्थान के लाखों लोग व्यापार और नौकरी के सिलसिले में रहते हैं। बेनीवाल का यह दौरा इन प्रवासियों के बीच अपनी पैठ मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। वे अक्सर दक्षिण भारत के दौरों पर जाते रहते हैं ताकि प्रवासी राजस्थानी चुनाव के समय अपने गाँवों में माहौल बना सकें।
Updated on:
20 Feb 2026 01:55 pm
Published on:
20 Feb 2026 01:54 pm
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