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Hanuman Beniwal : आरएलपी सांसद का ‘अन्ना’ अवतार, दक्षिण भारत में भरी ‘राजस्थान फतह’ की हुंकार

तिरुपति/जयपुर। राजस्थान के कद्दावर नेता और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल गुरुवार को दक्षिण भारत दौरे पर रहे। उन्होंने तिरुमाला स्थित भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी (तिरुपति बालाजी) के दर्शन किए। आमतौर पर कुर्ता-पायजामा या पेंट-शर्ट में नजर आने वाले बेनीवाल इस बार पारंपरिक दक्षिण भारतीय परिधान में दिखे। बेनीवाल ने तिरुपति में न केवल भगवान का […]

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तिरुपति/जयपुर। राजस्थान के कद्दावर नेता और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल गुरुवार को दक्षिण भारत दौरे पर रहे। उन्होंने तिरुमाला स्थित भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी (तिरुपति बालाजी) के दर्शन किए। आमतौर पर कुर्ता-पायजामा या पेंट-शर्ट में नजर आने वाले बेनीवाल इस बार पारंपरिक दक्षिण भारतीय परिधान में दिखे। बेनीवाल ने तिरुपति में न केवल भगवान का आशीर्वाद लिया, बल्कि वहां प्रवासी राजस्थानियों और जाट समाज के एक विशाल सम्मेलन को संबोधित करते हुए 'मिशन 2028' का बिगुल भी फूंक दिया।

तिरुपति बालाजी में 'धार्मिक' हाजिरी

हनुमान बेनीवाल ने अपनी इस यात्रा की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर से सभी को सेवा, सद्भाव और जनकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। मंदिर की पवित्रता और वहां के नियमों का पालन करते हुए बेनीवाल बिल्कुल अलग रंग-रूप में नजर आए।

'अन्ना' लुक के पीछे का ड्रेस कोड

तस्वीरों में बेनीवाल जिस पहनावे में दिख रहे हैं, वह तिरुपति मंदिर के कड़े ड्रेस कोड का हिस्सा है।

  • वेष्टी (Veshti): यह सफेद रंग की धोती है, जिसे दक्षिण भारत में वेष्टी या मुंडू कहा जाता है। बेनीवाल ने सुनहरी जरी वाली पारंपरिक वेष्टी धारण की।
  • अंगवस्त्रम (Angavastram): कंधे पर रखा गया सफेद दुपट्टा, जो दक्षिण भारतीय संस्कृति में सम्मान और शुद्धता का प्रतीक है।
  • परंपरा का सम्मान: तिरुपति देवस्थानम (TTD) के नियमों के अनुसार, जींस या टी-शर्ट में दर्शन वर्जित हैं। बेनीवाल ने स्थानीय संस्कृति को अपनाकर दक्षिण में बसे राजस्थानियों का दिल जीत लिया।

तिरुपति में 'जाटों का मेला': नागौर-सीकर जैसा माहौल

दर्शन से एक दिन पहले बुधवार 18 फरवरी को हनुमान बेनीवाल ने जाट समाज की ओर से आयोजित एक जनसभा में शिरकत की। यहाँ प्रवासी जाट समाज और सर्व समाज का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि बेनीवाल खुद बोल पड़े, 'यहाँ तो ऐसा लग रहा है जैसे नागौर या सीकर में जाटों का मेला भरा हो।'

मिशन 2028 हुंकार

बेनीवाल ने प्रवासियों से आह्वान किया कि वे राजस्थान की राजनीति में बदलाव के लिए एकजुट हों। उन्होंने कहा कि अब साम-दाम-दंड-भेद के साथ आर-पार की लड़ाई लड़नी होगी और 2028 में राजस्थान पर कब्जा करना होगा।

प्रवासियों के बीच बेनीवाल का रसूख

हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई और तिरुपति जैसे शहरों में राजस्थान के लाखों लोग व्यापार और नौकरी के सिलसिले में रहते हैं। बेनीवाल का यह दौरा इन प्रवासियों के बीच अपनी पैठ मजबूत करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। वे अक्सर दक्षिण भारत के दौरों पर जाते रहते हैं ताकि प्रवासी राजस्थानी चुनाव के समय अपने गाँवों में माहौल बना सकें।