जयपुर

अखरोट के तेल में है कैंसर से लडऩे की प्रबल संभावना

अखरोट के तेल का उपयोग सलाद की ड्रेसिंग एवं कोल्ड डिशेज को स्वादिष्ट बनाने के लिए कर सकते हैं

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Nov 16, 2019

स्किन हेल्थ के लिए
अखरोट का तेल त्वचा के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। ओमेगा-३ फैटी एसिड के लिए अखरोट का तेल बेहतर विकल्प है। यह स्किन की ग्रोथ को सही करने के साथ ही इंफ्लेमेशन संबंधी स्किन डिजीज से भी बचाने का काम करता है। घाव भरने के लिए भी अखरोट के तेल को बहुत लाभकारी माना जाता है। इस तेल में ओमेगा ६ फैटी एसिड का स्तर भी अच्छा है।

इंफ्लेमेशन होगा दूर
अखरोट का तेल क्रॉनिक इंफ्लेमेशन को दूर करने में असरदार होता है, जो हार्ट डिजीज, कुछ अलग तरह के कैंसर की आशंका कम करने में लाभकारी होता है। अखरोट का तेल पॉलीफिनोल्स से भरपूर होता है, जो गट बैक्टीरिया के रूप में काम करता है। इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज और एंटी ऑक्सीडेंट्स का स्तर भी अच्छा होता है। यह शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने का काम करता है। साथ ही सेल्स की एंटी ऑक्सीडेंट एक्टिविटी को भी बढ़ाता है। अखरोट की बजाय उसके तेल में एंटी ऑक्सीडेंट्स की मात्रा ज्यादा होती है।


ब्लड प्रेशर रहेगा सही
हार्ट डिजीज की आशंका को कम करने के लिए अखरोट के तेल का उपयोग किया जा सकता है। कुछ अध्ययनों से यह सामने आया कि अखरोट का तेल ब्लड प्रेशर को कम करने का काम करता है। इसमें पाए जाने वाले कंपाउंड शरीर में से बुरे कोलेस्ट्रोल को कम कर हार्ट अटैक, स्ट्रोक की आशंका कम करते हैं। अखरोट का तेल ब्लड वैसल्स फंक्शन को भी सही करने का काम करता है। इस तरह ब्लड प्रेशर को कम करने में यह तेल लाभकारी होता है।

ब्लड शुगर होगा कम
टाइप-२ डायबिटीज के रोगी यदि अखरोट के तेल का उपयोग करें तो ब्लड शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है। दरअसल, ब्लड शुगर के बढऩे से आंखें एवं किडनी संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। कई बार यह हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ा देता है। इसलिए ब्लड शुगर को कम करने वाले फूड्स के साथ यदि अखरोट का तेल भी मिलाया जाए तो डायबिटीज संबंधी समस्याओं को कम किया जा सकता है। इसमें पाए जाने वाले एंटी ऑक्सीडेंट्स ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं।

एंटी कैंसर प्रॉपर्टीज
अखरोट का तेल कई तरह के कैंसर की आशंका को कम करने का काम करता है। एनीमल स्टडी से सामने आया कि अखरोट के सेवन से ब्रेस्ट और कोलोरेक्टल कैंसर की आशंका को कम किया जा सकता है। प्रयोगशाला अध्ययन से पाया गया कि अखरोट के तेल में पाया जाने वाला यूरोलिथिन्स प्रोस्टेट कैंसर की आशंका को कम करने का काम करता है। इतना ही नहीं अखरोट का तेल ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम करने का काम भी करता है। एक अध्ययन में पाया कि जिन लोगों में ट्राइग्लिसराइड का स्तर ज्यादा है, यदि वे इस ऑयल का सेवन करें तो उन्हें लाभ मिलेगा।

Published on:
16 Nov 2019 02:25 pm
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