जेजेएम योजना के तहत बहरोड़ नीमराणा के गांवों में मैसर्स श्री श्याम व गणपति ट्यूबवेल को जनवरी 2022 में वर्क ऑर्डर जारी किए गए थे। जिन्हें कार्य जून 2023 तक पूरे करने थे। लेकिन एसीबी व ईडी की कार्रवाई के बाद काम बंद हो गए है जो अधूरे पड़े है।
बहरोड़। जल जीवन मिशन के तहत जलदाय विभाग के तत्कालीन अधिकारियों ने बहरोड़ नीमराणा के 47 बड़े गांवों में पाइप लाइन डालने, नल कनेक्शन करने, ट्यूबवेल, टंकी व पम्प हाउस के निर्माण के कार्य मैसर्स गणपति व श्री श्याम ट्यूबवेल कम्पनी को दिए थे। इन फर्मो के खिलाफ गड़बड़ी के कारण इन 47 गांवों में डेढ़ वर्ष बाद भी कार्य पूरे नहीं हो पाए है। इसके कारण आमजन को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।
जलदाय विभाग के अधिकारी ने बताया कि जनवरी 2022 में बहरोड़ नीमराणा ब्लॉक के 47 बड़े गांव जहां पर सबसे अधिक आबादी है। वहां पर योजना के तहत कार्य करने के लिए मैसर्स गणपति व श्री श्याम ट्यूबवेल कम्पनी को जनवरी 2022 में वर्क ऑर्डर जारी किए थे। इन 47 गांवों में कार्य जून 2023 तक पूरे होने थे।लेकिन अभी तक यहां पर आधे अधूरे ही कार्य हो पाए है।
मैसर्स गणपति ट्यूबवेल को 46 करोड़ व मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवेल को 6.26 करोड़ रुपए के वर्क ऑर्डर जेजेएम योजना के तहत तत्कालीन अधिकारियों ने जनवरी 2022 में जारी किए थे। दोनों ही फर्मों को बहरोड़ नीमराणा के 47 बड़े आबादी का गांवों में पानी की टंकी, पम्प हाउस, पाइप लाइन डालने, नल कनेक्शन करने व ट्यूबवेल लगाने के कार्य जून 2023 तक पूरे करने थे। लेकिन दोनों ही फर्मों ने आजतक यहां पर कार्य पूरे नहीं किए है। बहरोड़ नीमराणा के 47 गांवों में जेजेएम योजना के तहत पाइप लाइन डालने के लिए सड़के खोद डाली लेकिन न तो घरों में अभी तक पानी पहुंच सका है और नहीं खुदी हुई सड़कों की मरम्मत हो पाई है।
जलदाय विभाग के अधिकारियों के साथ ही श्री श्याम व गणपति ट्यूबवेल के ठेकेदार को रिश्वत लेते हुए जयपुर में ट्रेप किया था। इसके बाद मामले में ईडी ने भी कार्रवाई की थी। जिसके बाद से मामला कोर्ट में होने के कारण धरातल पर कार्य नहीं हो पा रहे है। सारे काम बंद पड़े है।
जेजेएम योजना के तहत बहरोड़ नीमराणा के गांवों में मैसर्स श्री श्याम व गणपति ट्यूबवेल को जनवरी 2022 में वर्क ऑर्डर जारी किए गए थे। जिन्हें कार्य जून 2023 तक पूरे करने थे। लेकिन एसीबी व ईडी की कार्रवाई के बाद काम बंद हो गए है जो अधूरे पड़े है।