
शहरी और ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार करने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग श्रीगंगानगर जिले में 80 करोड़ रुपए की राशि खर्च करेगा। स्वास्थ्य अभियांत्रिक मंत्री करण माहेश्वरी ने 9 जुलाई को जयपुर में हुई नीति निर्धारण समिति की उच्चस्तरीय बैठक में इसकी मंजूरी दी है। इस राशि से नए उच्च और भूमिगत जलाशयों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा नई पाइप लाइन बिछाने और पुरानी पाइप लाइन को बदलने का कार्य भी किया जाएगा। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में सादुलशहर में आठ करोड़, श्रीकरणपुर में एक करोड़ और श्रीगंगानगर में नई पाइप लाइन के लिए 81 लाख रुपए की राशि मंजूर की गई है।
श्रीगंगानगर जिले की घड़साना पेयजल योजना के लिए 15 करोड़ रुपए और श्रीगंगानगर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में नहरी जल पर आधारित 51 पेयजल योजनाओं का पुन: उत्थान और सुधार कार्य के लिए 55 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने ''सरकार आपके द्वार कार्यक्रमÓÓ के दौरान बीकानेर संभाग में इन योजनाओं के पुर्नउत्थान की घोषणा की थी।
जल संकट से मिलेगी राहत
अ नूपगढ़ विधायक शिमला देवी बावरी का कहना है कि घड़साना नई पेयजल योजना की मंजूरी मिल चुकी है। इससे मंडी और इससे जुड़े पांच गांवों में पेयजल संकट की समस्या से निजात मिलेगी। इस योजना की मंजूरी के लिए सीएम तक गुहार लगाई थी। काफी प्रयास के बाद पेयजल योजना की मंजूरी मिली है। इसका लाभ मंडी और गांव के लोगों को मिलेगा।
46 लाख से तीन शहरों में होगा काय
हनुमानगढ़ जिले की शहरी पेयजल योजना के लिए 46 लाख रुपए की राशि मंजूर हुई है। इस राशि से नोहर, भादरा और रावतसर शहर की जलापूर्ति में सुधार के लिए कार्य किया जाएगा। इसमें नोहर के लिए 21 लाख, भादारा के लिए 8 लाख और रावतसर के लिए 17 लाख रुपए की राशि मंजूर की गई है। इसमें श्रीगंगानगर जिले के लिए श्रीकरणपुर और सादुलशहर के लिए नौ करोड़ रुपए की मंजूरी मिली है। शहरी योजना में राज्य के लिए 85 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है।
घड़साना के लिए नई योजना
घ ड़साना मंडी और इससे जुड़े पांच गांवों में अब जल संकट की समस्या से निजात मिलेगी। यहां पर नई पेयजल योजना की मंजूरी मिल चुकी है। इसमें नलकूप, पंप हाउस, पाइप लाइन और जलाशयों इत्यादि निर्माण किया जाएगा। इस योजना में पानी की आपूर्ति के लिए अनूपगढ़ शाखा तक पाइप लाइन या नाळी निर्माण करवाया जाएगा।