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‘मेरी मां ने सिर पर ईंट उठाकर की थी रामशिला पूजा’: दीपोत्सव मंच से भावुक हुए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन

Ayodhya Deepotsav 2026 Celebration: वाइस-प्रेसिडेंट सी.पी. राधाकृष्णन ने शनिवार को अयोध्या में राम मंदिर में पूजा की। वे 2026 में होने वाले 'दीपोत्सव' में शामिल होने के लिए मंदिर नगरी पहुंचे थे।
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अयोध्या

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Shaitan Prajapat

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Updated: 7 Nov 2026, 9:33 PM IST

CP Radhakrishnan

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन (Photo-IANS)

Vice President CP Radhakrishnan Ayodhya: अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव 2026 में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने राम मंदिर में पूजा-अर्चना की और भावुक संस्मरण साझा किए। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरि उनके साथ मौजूद रहे।

राम मंदिर में पूजा और दीपोत्सव संबोधन

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने राम मंदिर पहुंचकर पूजा की। दीपोत्सव समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान राम का जीवन सिखाता है कि सच्ची महानता शक्ति या पद में नहीं, बल्कि चरित्र की मजबूती और कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण में निहित है। उन्होंने कहा कि आज देश में दो योगी भगवान राम के चरित्र और आचरण का पालन कर रहे हैं—एक कर्मयोगी नरेंद्र मोदी और दूसरे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। उन्होंने इन नेताओं को श्रेय देते हुए कहा कि उन्होंने राम मंदिर को हिंदुओं के आत्मसम्मान का प्रतीक बना दिया है। अयोध्या आज विरासत के साथ विकास की दृष्टि का जीवंत उदाहरण बन गई है।

योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा

उपराष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हिंदू हृदय सम्राट की संज्ञा दी। उन्होंने याद किया कि संसद में तब के भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ उनके सहयोगी थे। वे उस समय बहुत युवा थे और उनकी स्पीच में वही ऊर्जा और बल था जो आज भी है।

मां के संस्मरण से भावुक हुए उपराष्ट्रपति

राधाकृष्णन ने राम मंदिर आंदोलन से जुड़े अपने पारिवारिक संस्मरण साझा करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि जब विश्व हिंदू परिषद के नेता स्वर्गीय अशोक सिंहल ने रामशिला पूजा का आह्वान किया था, तब उनकी मां ने सिर पर ईंट उठाकर राम मंदिर निर्माण के लिए पूजा का नेतृत्व किया था। उन्होंने कहा कि उस समय मेरी मां कभी कल्पना नहीं कर सकती थीं कि सुदूर दक्षिण के रामेश्वरम से आने वाला उनका बेटा एक दिन भारत का उपराष्ट्रपति बनेगा और राम जन्मभूमि पर इस समारोह का हिस्सा बनने का गौरव प्राप्त करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के साथ सदियों पुरानी आकांक्षाएं पूरी हुई हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर राम जन्मभूमि पर राम मंदिर नहीं बन सकता था, तो फिर कहां बनता?

कानून-व्यवस्था और विकास की तारीफ

उपराष्ट्रपति ने उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार का जिक्र करते हुए कहा कि पहले जब वे प्रदेश आते थे तो सुरक्षित महसूस नहीं करते थे। पहले कानून-व्यवस्था अपराधियों के हाथ में लगती थी, लेकिन आज हर नागरिक सुरक्षित महसूस करता है। इसका श्रेय उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया। आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश अब देश के जीडीपी में नौ प्रतिशत का योगदान देता है। उन्होंने 2025 में प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ की भी प्रशंसा की। करोड़ों श्रद्धालुओं के बावजूद कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, जो प्रदेश के सुरक्षा और विकास मॉडल को दर्शाता है।

पुष्पक विमान का प्रतीकात्मक आयोजन

दीपोत्सव के दौरान भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता के पुष्पक विमान से अयोध्या आगमन का प्रतीकात्मक मंचन भी किया गया, जो रामायण की कथा से प्रेरित था।