अबू आजमी ने कहा कि सोनिया ने देश के लिए बहुत मेहनत की है। उनके पति की हत्या कर दी गई, लेकिन उन्होंने यहां से जाना नहीं चुना। वे जुड़ी रहीं और संघर्ष करती रहीं। उन्होंने जो किताब लिखी है, वह सिर्फ उनके बारे में नहीं है। देश के ज्यादातर लोग आज महसूस करते हैं कि 2014 के बाद देश की सामाजिक संरचना पूरी तरह बर्बाद हो गई है। उन्होंने सोनिया गांधी के योगदान और उनके संघर्ष को रेखांकित करते हुए कहा कि वे देश के प्रति समर्पित रहीं।