राजस्थान की धरा पर ठाकुरजी की ऐसी मेहरबानी हुई कि पर्यटन विभाग पर जमकर धनवर्षा होने लगी। पर्यटकों से हर शहर गुलजार हो उठा।
Domestic tourism in Rajasthan up: राजस्थान एक बार फिर पर्यटकों से गुलजार हो उठा है। राजधानी जयपुर का जंतर मंतर हो या फिर हवामहल चहुंओर पर्यटक नजर आ जाएंगे। इसके अलावा आमेर महल, नाहरगढ़ किला सहित सिटी पैलेस पर्यटकों की पहली पसंद बने हुए हैं। विदेशी पर्यटक जहां पर्यटन स्थलों को महत्व दे रहे हैं। वहीं देसी सैलानियों की लिस्ट में धार्मिक स्थल सबसे पहले हैं। जयपुर, खाटूश्यामजी, चित्तौड़गढ़, अजमेर समेत अन्य जिलों के पर्यटन स्थलों पर पहुंचने वाले देसी पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। 2022 में राजस्थान में 10 करोड़ 83 लाख देसी पर्यटक आए वहीं 2023 में इनकी संख्या में 7.07 करोड़ का इजाफा हो गया, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 65 प्रतिशत है।
सालभर रहती है पर्यटकों की रौनक
पर्यटकों की बहार अब सितंबर से मार्च के सीजन में ही नहीं, बल्कि पूरे साल रहती है। दो वर्ष से पर्यटन स्थल पूरे साल ही पर्यटकों से लकदक हो रहे हैं। कोरोना के बाद जहां विदेशी पर्यटकों के कदम कुछ समय के लिए ठिठके वहीं देसी पर्यटक तो आते ही रहे। 2023 में यह आंकड़ा बढ़कर 17.90 करोड़ पर पहुंच गया। जितने सैलानी साल भर में राजस्थान घूमने आए, उनमें 90 प्रतिशत देसी पर्यटक हैं। ऐसे में प्रदेश का पर्यटन देसी पर्यटकों के कारण तेजी से बढ़ रहा है। देसी पर्यटकों के लिए धार्मिक स्थल आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
ये रहे टॉप 5 पसंदीदा धार्मिक स्थल
खाटूश्यामजी: 2.63 करोड़ (खाटूश्याम मंदिर)
जयपुर: 2.12 करोड़ (प्रसिद्ध स्मारक,गोविंद देवजी मंदिर)
अजमेर: 1.56 करोड़ (अजमेर दरगाह,पुष्कर ब्रह्मा मंदिर)
चित्तौड़गढ़: 1.42 करोड़ (सांवलिया सेठ मंदिर,चित्तौड़ का किला)
सवाई माधोपुर: 1.35 करोड़ (रणथंभौर नेशनल पार्क,त्रिनेत्र गणेश मंदिर)