Sign Language Education: खामोशी में गूंजा राष्ट्रप्रेम, हथियार प्रदर्शनी ने बच्चों के दिलों को छू लिया। आंखों में सपने, दिल में तिरंगा, मूक-बधिर विद्यार्थियों ने महसूस किया सेना का गौरव।
Army Day Celebration: जयपुर. भवानी निकेतन में 78वें सेना दिवस के अवसर पर आयोजित आर्मी हथियार प्रदर्शनी मूक-बधिर विद्यार्थियों के लिए एक भावनात्मक और प्रेरणादायक अनुभव बन गई। राजकीय सेठ आनंदीलाल पोद्दार बधिर उच्च माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने जब प्रदर्शनी परिसर में कदम रखा, तो उनकी आंखों में जिज्ञासा और चेहरे पर उत्साह साफ झलक रहा था। आधुनिक हथियारों, सैन्य उपकरणों और सुरक्षा संसाधनों को देखकर बच्चों के मन में देशभक्ति की भावना स्वतः उमड़ पड़ी।
विद्यालय के शिक्षक संजय भारद्वाज ने सांकेतिक भाषा के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रत्येक हथियार की विशेषता, उपयोग और सेना की बहादुरी की कहानियां सरल शब्दों में समझाईं। उनके हाथों की हर गति बच्चों के लिए ज्ञान का सेतु बन गई। जो शब्द वे सुन नहीं सकते थे, उन्हें इशारों ने भावनाओं में बदल दिया। बच्चे ध्यानपूर्वक हर जानकारी को समझते रहे और उनके चेहरे पर गर्व की मुस्कान खिल उठी।
यह दृश्य केवल एक प्रदर्शनी नहीं था, बल्कि आत्मविश्वास, समानता और सम्मान का संदेश भी था। मूक-बधिर बच्चों ने महसूस किया कि देश का गौरव हर नागरिक के दिल में समान रूप से धड़कता है। सेना के शौर्य को निहारते हुए बच्चों की आंखों में सपनों की चमक और देश के प्रति अटूट प्रेम साफ दिखाई दे रहा था।