
मेंगलूरु. मत्स्य आखेट पर लगी प्रतिबंध अवधि समाप्त होने के बाद मौसम में सुधार आते ही तटीय कर्नाटक में मछली पकडऩे की गतिविधियां फिर शुरू हो गईं। मेंगलूरु के पुराने बंदरगाह से करीब 100 ट्रॉल बोट नई उम्मीदों के साथ गहरे समुद्र में रवाना हुईं। तेज हवाओं और उफनते समुद्र के कारण पिछले दो दिनों से ट्रॉल बोट बंदरगाह पर ही खड़ी थीं। डीजल और बर्फ से पूरी तरह तैयार होने के बावजूद नाविक समुद्र में नहीं उतर सके थे। मौसम अनुकूल होने पर सोमवार को नावें एक-एक कर बंदरगाह से निकलकर गहरे समुद्र की ओर रवाना हुईं। मछुआरों का कहना है कि इस बार अच्छे मत्स्य उत्पादन की उम्मीद है। समुद्र में मछलियों की उपलब्धता के आधार पर अन्य नौकाएं भी अगले कुछ दिनों में समुद्र में उतरेंगी। पहली खेप की नौकाओं को वापस लौटने में लगभग 10 दिन लग सकते हैं। उधर, मलपे बंदरगाह पर सरकार द्वारा 1 अगस्त से यांत्रिक मत्स्य आखेट की अनुमति दिए जाने के बावजूद कोई भी नाव समुद्र में नहीं उतरी। समुद्र में तेज हवाओं के कारण ऊंची लहरें उठ रही हैं, जिससे जाल डालना जोखिमभरा बना हुआ है।