
जयपुर. प्रदेश में बीते दिनों से कम वायुदाब क्षेत्र के असर से सक्रिय बारिश का दौर अब सुस्त पड़ गया है। हालांकि आज भी प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। अगले 24 घंटे बाद से जुलाई माह का पहला पखवाड़ा सूखा बीतने की आशंका है। मध्य प्रदेश की तरफ बने सिस्टम के कारण प्रदेश में हो रहे परिसंचरण में बदलाव के चलते आगामी दिनों में मौसम शुष्क रहने और पारे में बढ़ोतरी की आशंका है।
दूसरे पखवाड़े में फिर से होगी झमाझम बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के आकलन के अनुसार जुलाई माह के पहले पखवाड़े में मौसम का मिजाज शुष्क रहने की संभावना है। परिसंचरण तंत्र और विंड पैटर्न में संभावित बदलाव के चलते माह के पहले पखवाड़े में आसमान साफ रहने और प्रदेश के अधिकांश जिलों में दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी होने की भी आशंका है। हालांकि 15 जुलाई के बाद से प्रदेश में फिर मानसून सक्रिय होने और झमाझम बारिश होने की उम्मीद है।
एंट्री के बाद प्रदेश में मानसून की बारिश का दौर अब माह के पहले पखवाड़े की शुरूआत के साथ ही सुस्त पड़ गया है। बीते 24 घंटे में जयपुर समेत ज्यादातर जिलों में छिटपुट बारिश का दौर रहा। वहीं आज सुबह से मौसम का मिजाज शुष्क रहा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में आगामी सप्ताहभर मौसम शुष्क रहने और उसके बाद फिर से प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां बढऩे की संभावना है। प्रदेश के पूर्वी इलाकों में दूसरे पखवाड़े में तेज बारिश होने के आसार हैं।
बादल छंटते ही धूप के तीखे तेवर
अब तक पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश जिलों में मानसून की दस्तक हो चुकी है। भीलवाड़ा, चित्तौड़ समेत हाडौती अंचल में मेघ जमकर मेहरबान हुए हैं। मानसून में पहली बार कोटा बैराज के एक गेट को खोला गया। वहीं अब मौसम तंत्र में हो रहे बदलाव का असर भी अब नजर आने लगा है। ज्यादतर जिलों में आज बादलों की आवाजाही थमते ही पारे के मिजाज में गर्मी बढ़ती नजर आई। हालांकि बीती रात अधिकांश जिलों में तापमान स्थिर रहा।
जयपुर में सुबह आसमान साफ रहा और बादल छंटने के साथ ही धूप की तीखी चुभन भी महसूस हुई। हालांकि फिर से बादलों की आवाजाही शुरू होने पर धूप की आंखचिमौनी रही।