वैकल्पिक बस स्टैंड तक यात्रियों की पहुंच के लिए रोडवेज, जेसीटीएसएल, ऑटो और ई-रिक्शा के साथ समन्वय कर कनेक्टिविटी बनाई जा सकती थी, लेकिन इस दिशा में पर्याप्त तैयारी नहीं हुई। नतीजा, योजना कागजों से आगे नहीं बढ़ सकी और सिंधी कैंप पर पुरानी व्यवस्था के साथ जाम के हालात फिर बन गए।