
पारंपरिक पंगत से थीम बेस्ड फूड काउंटर तक पहुंचा ट्रेंड, दूल्हा-दुल्हन की पसंद के साथ मेहमानों की पसंद का भी रखा जा रहा ध्यान
दौसा. शादी-समारोहों का मतलब पहले जहां दाल-बाटी, पूड़ी-सब्जी और मिठाई की पारंपरिक पंगत तक सीमित माना जाता था, वहीं अब विवाह समारोहों में खाना और मेहमाननवाजी भी स्टाइल स्टेटमेंट बनती जा रही है। शहर में होने वाली शादियों में मेन्यू के साथ उसकी प्रस्तुति और मेहमानों को परोसे जाने का अंदाज भी खास आकर्षण बन रहा है।
अब एक ही जगह पूरा भोजन परोसने के बजाय अलग-अलग फूड काउंटर, लाइव कुकिंग, स्नैक्स कॉर्नर और मिठाई के विशेष काउंटर लगाए जा रहे हैं। मेहमान अपनी पसंद का व्यंजन वहीं बनवाकर खाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। बच्चों और युवाओं के लिए अलग पसंद के व्यंजनों का इंतजाम भी विवाह आयोजकों की सूची में शामिल हो गया है।
पंगत की जगह बढ़ी पसंद के विकल्पों की थाली
शादी में आने वाले मेहमानों की पसंद को ध्यान में रखते हुए आयोजक अब एक ही मेन्यू पर निर्भर नहीं रहना चाहते। पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों के साथ अलग-अलग स्वाद के विकल्प रखे जा रहे हैं। वहीं भोजन की सजावट, सर्विंग और काउंटर की थीम पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मेहमाननवाजी में भी आया बदलाव
पहले मेहमानों के स्वागत और भोजन तक सीमित रहने वाली मेहमाननवाजी अब उन्हें व्यक्तिगत पसंद का अनुभव देने तक पहुंच गई है। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की पसंद के अनुसार अलग व्यवस्थाएं की जा रही हैं। यही वजह है कि शादी का मेन्यू तय करते समय परिवार अब केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि मेहमानों के अनुभव को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।
ट्रेंड की खास बात: शादी में अब भोजन केवल पेट भरने का जरिया नहीं, बल्कि आयोजन की पहचान और मेहमानों की याद का हिस्सा बनता जा रहा है।
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B.......................खबर लगाने से पहले एक बार बॉस से चर्चा जरूर कर लेना..................................................
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