- हेल्थ वकर्स, कम्यूनिटी लीडर्स, नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन आदि को मार्गदर्शन में मिलेगी मदद
जयपुर। कोरोना वायरस को लेकर दुनियाभर में कई तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। व्हाट्सएप भी इस रेस में पीछे नहीं है। इस इंस्टैंट मैसेजिंग एप ने अपने प्लेटफॉर्म पर एक डेडिकेटेड वेबपेज लाइव किया है। यह वेबपेज एक कोरोना इंफॉर्मेशन हब है, जिसे वल्र्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ), यूनाइटेड नेशन्स चिल्ड्रन्स फंड (यूएनआईसीईएफ) और यूनाइटेड नेशन्स डवलपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) के साथ साझेदारी में पेश किया गया है।
मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए किया है डिजाइन
इस वेबपेज पर यह जानकारी दी गई है कि दुनियाभर में कोरोना वायरस जैसी स्थिति में इस एप को कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है। इस वेबपेज को हेल्थ वकर्स, एजुकेटर्स, कम्यूनिटी लीडर्स, नॉन-प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन्स और लोकल बिजनेसेज को मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है। यहां पर एक-दूसरे से रिमोटली कनेक्ट होने पर जोर दिया गया है। साथ ही अफवाहों को रोकने और जानकारी के लिए विश्वसनीय स्रोत पर विश्वास करने की सलाह दी है।
आर्टिकल्स करवाए है प्रोवाइड
इसके साथ ही व्हाट्सएप ने ऐसे आर्टिकल्स भी यहां उपलब्ध कराए हैं जिसमें यह बताया गया है कि किस तरह से लोग अपनी कम्यूनिटी से रिमोटली कनेक्ट हैं। यही नहीं, व्हाट्सएप ने 1 मिलियन डॉलर यानी करीब 7.44 करोड़ रुपए का डोनेशन भी दिया है। यह डोनेशन पॉयन्टर इंस्टीट्यूट के इंटरनेशनल फैक्ट-चैकिंग नेटवर्क (आईएफसीएन) को दिया गया है, जो इस वायरस से संबंधित फेक न्यूज को फैलने से रोकेगी।
अफवाहों को रोकने में मिलेगी मदद
व्हाट्सएप कंपनी ने कहा कि हम जानते हैं कि हमारे यूजर्स इस समय प्लेटफॉर्म का पहले से ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके जरिए यूजर्स अपने दोस्तों, परिवारवालों से इस संकट के समय पहले से ज्यादा बात कर रहे हैं। साथ ही यह भी कहा कि हम एक सिंपल रिसोर्स यूजर्स को उपलब्ध कराना चाहते हैं जिससे लोग इस समय एक-दूसरे से कनेक्ट रह पाएं। कंपनी ने कहा कि वो पॉयन्टर इंस्टीट्यूट से पार्टनरशिप कर बेहद खुश हैं। इससे अफवाहों को रोकने में मदद मिलेगी।