गलता तीर्थ की उपेक्षा को लेकर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने हो गई है।
जयपुर। गलता तीर्थ की उपेक्षा को लेकर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने हो गई है। पहले पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने गलता तीर्थ की उपेक्षा को लेकर भजनलाल सरकार पर निशाना साधा। इसके बाद देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने गहलोत पर पलटवार करते हुए जवाब दिया। इन सबके बीच गलता पीठ के ट्रस्ट के प्रशासक व जयपुर कलक्टर जितेंद्र सोनी आज बैठक लेंगे। गलता विवाद के बाद कलक्टर पूरे मामले को लेकर अधिकारी-कर्मचारियों से मामले में फीडबैक लेंगे। कलक्टर ने गलता तीर्थ की व्यवस्थाओं को लेकर आज सुबह 11 बजे बैठक बुलाई है।
गहलोत ने साधा था निशाना…
पूर्व सीएम गहलोत ने गलता तीर्थ की उपेक्षा को लेकर बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। गहलोत ने आरोप लगाया कि 23 दिनों से गलता जी तीर्थ में भगवान को फूल-माला तक नहीं चढ़ाई जा सकी। जिससे 521 साल पुरानी परंपरा टूट गई। उन्होंने इसे सरकार की लापरवाही करार देते हुए कहा कि जब प्रदेश की राजधानी में स्थित एक प्रमुख तीर्थ स्थल की यह स्थिति है तो बाकी धार्मिक स्थलों का क्या हाल होगा। उन्होंने बीजेपी को ‘चुनावी हिंदू’ बताते हुए कहा कि यह पार्टी केवल चुनावी लाभ के लिए हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करती है, लेकिन जब धार्मिक स्थलों के रखरखाव की बात आती है तो कोई ध्यान नहीं देती। पूर्व सीएम ने कहा कि बीजेपी सरकार वोट बैंक की राजनीति करने में माहिर है। प्रयागराज में कैबिनेट बैठक कर हिंदू भावनाओं को भुनाने की कोशिश की जाती है, लेकिन जब धार्मिक स्थलों की देखरेख का समय आता है तो वह उदासीन रवैया अपनाती है।
मंत्री जोराराम ने पलटवार करते हुए दिया जवाब…
देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने गलता पीठ को लेकर पूर्व सीएम गहलोत के ट्वीट पर पलटवार कर जवाब दिया है। कुमावत ने कहा है कि गलता जी तथा अधीनस्थ मंदिरों में आवश्यक कार्यों के भुगतान और मंदिरों में सेवा पूजा के लिए 48 लाख रुपए की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। सरकार के आदेश के बाद गलताजी के मंदिरों में भोग सामग्री व माला इत्यादि की व्यवस्था नियमित रूप से की जा रही है। पुजारीगण नियमित रूप से सेवा पूजा कर रहे हैं और हनुमानजी के मुखारविंद का भी भोग लगाया जा रहा है। कुमावत ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री के बयान में कोई सच्चाई नहीं है।