जयपुर

जानिए कौन हैं IAS तेजस्‍वी राणा, विधायक की कार का चालान करवाने पर चर्चा में

Ias Tejasvi Rana Profile: राजस्थान में उपखण्ड अधिकारी के पद पर कार्यरत आईएएस तेजस्‍वी राणा इन दिनों पूरे देश में अपने तबादले को लेकर चर्चा में हैं।

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Apr 18, 2020
आईएएस अधिकारी तेजस्वी राणा (फाइल फोटो) - फोटो: Facebook

जयपुर। जयपुर। राजस्थान में उपखण्ड अधिकारी के पद पर कार्यरत आईएएस तेजस्‍वी राणा इन दिनों पूरे देश में अपने तबादले को लेकर चर्चा में हैं। तेजस्‍वी राणा 14 अप्रेल को बेगूं विधायक राजेन्द्रसिंह विधुड़ी की गाड़ी रोकने एवं कृषि मण्डी में अव्यवस्था मिलने पर कार्रवाई को लेकर सुर्खियों में आई थीं। जानिए कौन हैं तेजस्वी राणा-

देशभर में 12वीं रैंक हासिल की

हरियाणा के कुरुक्षेत्र की तेजस्वी राणा ने 2016 में संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विसेज परीक्षा में देशभर में 12वीं रैंक हासिल की थी। खास बात यह है कि तेजस्वी ने बिना किसी कोचिंग के सफलता का परचम लहराया। आईआईटी कानपुर से ग्रेजुएट तेजस्वी ने 2015 में पहली बार परीक्षा दी, लेकिन उनको सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने घर पर ही तैयारी की और अगले वर्ष पूरे देश में 12वां स्थान हासिल किया।

Ias Tejasvi Rana File Photo: Facebook IMAGE CREDIT:

तबादले पर क्या बोले पिता
तेजस्वी राणा के तबादले पर उनके पिता डॉ. कुलदीप राणा ने कहा कि उनको अपनी बेटी पर गर्व है। तेजस्वी के पिता बताते हैं कि उनकी बेटी बहुत निडर है। वह हर काम को पूरी ईमानदारी से पूरा करती आई है और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझकर ही कोई भी कदम उठाती है। कुलदीप राणा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग में शिक्षक हैं और उनकी पत्‍नी डॉ. सरिता राणा भी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं।

Ias Tejasvi Rana File Photo: Facebook IMAGE CREDIT:

तबादले से लोग हैरान
लॉकडाउन में सख्ती बरतने पर आईएएस व एसडीएम तेजस्वी राणा का तबादला संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टेट हैल्थ इंश्योरेंस एजेंसी जयपुर के पद पर किया है। इस तबादले ने अफसरों को जहां बैचन कर दिया वहीं लोग इससे हैरान हो गए। हालांकि विधायक बिधूड़ी का कहना है कि उनका तबादले में कोई हाथ नहीं है।

IMAGE CREDIT: विधायक की गाड़ी रुकवातीं तेजस्‍वी राणा

विधायक बोले, ट्रांसफर का कारण नहीं पता
बिधूड़ी ने कहा कि वह एक पार्टी कार्यकर्ता के वाहन में अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए जा रहे थे। रास्ते में अधिकारी और डीएसपी ने उनके वाहन को रोका और ड्राइवर से ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने को कहा।

उन्होंने कहा कि उस समय उनके ड्राइवर के पास लाइसेंस नहीं था। विधायक ने दावा किया कि उन्होंने जुर्माना भर दिया और दोनों अधिकारियों ने उनके साथ बहुत ही विनम्रता से बात की। विधायक ने कहा कि मुझे ट्रांसफर का कारण नहीं पता है।

बता दें कि पुलिस और प्रशासन की सख्ती की वजह से ही अब तक चित्तौड़गढ़ कोरोना के जाल में नहीं आया है। कोरोना वायरस अब तक राजस्थान के 25 जिलों में पहुंच चुका है। केवल आठ जिले इससे अछूते हैं।

Updated on:
18 Apr 2020 03:10 pm
Published on:
18 Apr 2020 02:34 pm
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