केन्द्रीय रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू राजस्थान से जाएंगे राज्यसभा, भाजपा ने राजस्थान से बिट्टू को बनाया प्रत्याशी, बहुमत भाजपा के पास इसलिए जीतना तय, कांग्रेस ने अभी तक घोषित नहीं किया प्रत्याशी, निर्विरोध निर्वाचन की संभावना ज्यादा
आठ राज्यों की नौ राज्यसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा ने मंगलवार को लिस्ट जारी कर दी है। राजस्थान कोटे की एक राज्यसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा ने केन्द्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को अपना उम्मीदवार बनाया है। भाजपा के पास बहुमत है। ऐसे में उनका जीतना तय है। कांग्रेस ने अभी तक अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। कांग्रेस प्रत्याशी घोषित नहीं करती है तो रवनीत सिंह बिट्टू का निर्विरोध निर्वाचन हो सकता है।
रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के दिवंगत मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं। बिट्टू का जन्म 10 सितंबर, 1975 को हुआ। ये लुधियाना जिले के पायल विधानसभा क्षेत्र के कोटला अफगाना गांव के मूल निवासी हैं। बिट्टू का परिवार कांग्रेसी रहा है। इनके चाचा तेज प्रकाश सिंह पूर्व कैबिनेट मंत्री थे और उनके चचेरे भाई गुरकीरत कोटली दो बार विधायक और कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। हाल ही संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में ये भाजपा में शामिल हुए।
राजनीति में आने से पहले बिट्टू एक छोटी सी सीमेंट प्रोडक्शन यूनिट चलाते थे। वर्ष 2007 में राहुल गांधी से मुलाकात के बाद बिट्टू राजनीति में आए। एक साल के भीतर ही वर्ष 2008 में इन्हें पंजाब युवा कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। बिट्टू पहले 2009 में आनंदपुर साहिब से और फिर 2014 और 2019 में कांग्रेस के टिकट पर लुधियाना से लोकसभा सांसद चुने गए थे।
रवनीत सिंह बिट्टू सबसे पहले 2009 में कांग्रेस के सिम्बल पर पंजाब में लोकसभा चुनाव लड़े और जीते। इसके बाद वे लगातार जीतते रहे। बिट्टू को कांग्रेस ने लोकसभा में अपना नेता भी बनाया था। 2024 के चुनाव से पहले रवनीत सिंह बिट्टू भाजपा में शामिल हो गए। लुधियाना से भाजपा ने उन्हें प्रत्याशी बनाया, लेकिन बिट्टू चुनाव हार गए। चुनाव हारने के बाद भी उन्हें केन्द्र की एनडीए सरकार में मंत्री बनाया गया। उन्हें राज्यमंत्री की शपथ दिलवाई गई। बिट्टू वर्तमान में रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के राज्यमंत्री हैं।